- नेवी में मिली नौकरी का एक दिन भी नहीं देख पाया साहिल
- सड़क हादसे में दो युवकों की मौत पर मंगनपुर में छाया शोक
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। मंगनपुर के साहिल को मर्चेंट नेवी मिली गई थी। मगर, हादसे में हुई मौत के कारण नौकरी का एक दिन भी नहीं देख पाने का परिवार को ताउम्र मलाल रहेगा। रविवार को उसे नई नौकरी ज्वॉइनिंग पर जाना था। उसके साथी शेखर दिल्ली में एक कंपनी में कार्य करता था। दो युवकों की मौत पर गांव में शोक छाया है। एक युवक की हालत गंभीर बनी है।
शामली जनपद के बुटराड़ा में अधूरे फ्लाईओवर मंगनपुर के दो होनहारों की जिंदगी छीन ली। साहिल के जन्म से पहले दो महीने पहले ही मृतक साहिल के पिता की दीवार गिरने से मौत हो गई थी। कड़ी मेहनत कर उसने नेवी में चयन हो गया। उसे सोमवार को उसे ज्वॉइन करने जाना था। घर में खुशी का माहौल था। हरियाणा से बहन और बहनोई दीपक आए हुए थे।
बहनोई ने कहा कि वह भी साहिल को एयरपोर्ट पर छोड़ने जाएगा। उससे पहले रविवार को करनाल काम निपटाने के लिए चलने की योजना बनाई। वह अलसुबह साहिल, शेखर, फोती एवं रोनी हरजीपुर निवासी दोस्त अंकित को लेकर कार से निकल पड़े।
उन्हें साहिल की गमजदा मां राजकुमारी और मृतक शेखर की मां ममता को क्या मालूम था कि वह कभी गांव वापस नहीं लौट पाएंगे। मृतक साहिल की दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। एक भाई बड़ा है, जो गांव में रहता है। वहीं, मृतक शेखर दिल्ली की प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। एक भाई और बहन की शादी हो चुकी है।
एक साथ दो चिताएं देख भावुक हुआ हर कोई
पोस्टमार्टम के बाद दोनों युवकों के शव गांव में पहुंचें। श्मशान घाट पर एक साथ दो चिताओं को जलती देख हर किसी की आंखें नम थी। अंतिम यात्रा में हुजूम उमड़ पड़ा। क्षेत्र के जिपंस के पति विकास शर्मा शोक जताते हुए कहा कि एनएचएआई की लापरवाही के कारण दो प्रतिभावान नौजवानों की जान चली गई। फ्लाई ओवर अधूरा था तो उस पर किसी वाहन को रोकने के लिए अवरोधक बनाने चाहिए थे।