मथेड़ी के जंगल में टावर निर्माण करने पहुंची थी विद्युत निगम की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। मथेड़ी के जंगल में टावर निर्माण करने पहुंचे विद्युत निगम की टीम का किसानों ने विरोध किया। मुआवजा तय किए बिना किसानों ने टॉवर लगाने से मना कर दिया। सूचना पर तहसीलदार के साथ रतनपुरी पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। फिलहाल काम रोक दिया गया है।
विद्युत निगम के कर्मचारी मंगलवार की सुबह मथेड़ी के जंगल में टॉवर लगाने का काम कर रहे थे। गांव मथेड़ी निवासी किसान गोविंदर पुत्र कंवरपाल के खेत में गड्ढा खोदने के लिए जेसीबी भी मंगाई गई थी। इसकी सूचना पर भैसी निवासी प्रधान अमित अहलावत, भाकियू तोमर के ब्लाक अध्यक्ष विशाल अहलावत किसानों के साथ मौके पर पहुंचे और टावर का काम बंद करा दिया। कहा कि जब तक उनका मुआवजा तय नहीं होगा तब तक टावर नहीं लगाने दिया जाएगा।
इसकी सूचना पर तहसीलदार आरती यादव और रतनपुरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। किसानों ने मुआवजा तय किए बिना गड्ढा खोदने का विरोध किया। कहा कि वे इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। इस दौरान जितेंद्र कुमार, चंद्रपाल, विनीत, कमल सेहरावत, कपिल कुमार, रविंद्र कुमार, ऋषि पाल आदि मौजूद रहे।
ये होना है काम
132 केवी खतौली बिजली घर के एसडीओ गुलशन कुमार ने बताया कि खतौली बिजलीघर से नावला बिजलीघर तक विद्युत लाइन डाली जानी है। इसके लिए 21 टावर लगने हैं। 14 टावर के फाउंडेशन हो चुके है, जबकि 9 खंबे खड़े किए जा चुके हैं।
किसानों ने दो दिन का समय मांगा है। जिलाधिकारी से मिलने की बात कही है। इस पर फिलहाल कार्य रुकवाया दिया गया है। - आरती यादव, तहसीलदार
सरकारी चकरोड कब्जा मुक्त कराई
खतौली। तहसीलदार आरती यादव ने बताया कि गांव अंती के जंगल में सरकारी चकरोड पर कब्जा कर फसल बो दी गई थी। इसकी शिकायत मिली थी। जांच कराने के बाद पुलिस टीम को साथ लेकर सरकारी चकरोड पर बोई गई फसल को हटाकर उसे कब्जा मुक्त करा दिया गया है।
35.40 करोड़ का किया भुगतान
खतौली। त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने बताया कि 15 जनवरी 2023 तक खरीद किए गए गन्ने का गन्ना मूल्य रु 35.40 करोड़ का भुगतान गन्ना समितियों के माध्यम से किया गया। डॉ अशोक कुमार ने कृषकों से आग्रह किया गया कि चीनी मिल को ताजा साफ गन्ने की आपूर्ति करें।