ऊंचा बना दिया नाला, नीची पड़ गईं गलियां
मुजफ्फरनगर। शहर की साकेत कॉलोनी के लोग जलनिकासी का इंतजाम नहीं होने के कारण परेशानी झेल रहे हैं। बारिश के पानी को घर में घुसने से रोकने के लिए लोगों ने दरवाजों में ही कई-कई फीट की दीवार खड़ी करा ली है। रेलवे के साथ जमीन का विवाद होने के कारण नाले का निर्माण नहीं हो सका, जिससे आमजन परेशान है।
शहर की साकेत कॉलोनी का एक हिस्सा रेलवे कॉलोनी से जुड़ता है। सालों पहले कॉलोनी का पानी कच्ची सड़क की तरफ बहता था, लेकिन यहां से पानी रोक दिया गया। इसके बाद जलनिकासी के लिए बसंत विहार की ओर नाला निर्माण शुरू किया, लेकिन रेलवे के साथ जमीन का विवाद होने के कारण निर्माण रोक दिया गया। अब नाला कुछ दूर तक पक्का और आगे कच्चा है। नाले की ऊंचाई अधिक है और कॉलोनी की कई गलियां गहराई में हैं। बरसात होते ही पानी वापस घरों तक पहुंचना शुरू हो जाता है। यही वजह है कि कॉलोनी की कई गलियों में लोगों ने अपने घरों के बाहर बारिश का पानी रोकने के लिए कई-कई फीट की दीवार तक बनवा दी है। कॉलोनी की रहने वाली पुष्पा कहती हैं कि कोई परेशानी पूछने नहीं आता। जलनिकासी का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। साकेत के रहने वाले पप्पू कहते हैं कि बरसात होते ही घरों तक पानी पहुंच जाता है।
कब होगी इन नालों की सफाई
शहर की जाट कॉलोनी और केशवपुरी के नालों की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। नाले अटे पड़े हैं। जाट कॉलोनी का पानी महावीर चौक के नाले के माध्यम से खालापार के नाले में जा रहा है। केशवपुरी का पानी मेरठ रोड के नाले के माध्यम से नदी में जा रहा है। महावीर चौक पर नाले की हालत यह है कि नाला पूरी तरह जाम हो चुका है। नाले में जहां कूड़ा अटका है, वहीं एक हिस्से में पौधे आदि खरपतवार उग आई है। जाट कॉलोनी के अंदर से आर्य समाज रोड के नाले तक आने वाला नाला थोड़ी सी बारिश में ओवर फ्लो हो जाता है। जाट कॉलोनी में प्रवेश मुश्किल हो जाती है। केशवपुरी के मुख्य गेट से लेकर रविदास मंदिर तक भी यही स्थिति है। नाला पूरी तरह अटा पड़ा है।
किसने क्या कहा
महावीर चौक निवासी जितेंद्र ने बताया कि नाले में सफाई नियमित नहीं हो पा रही है। यही कारण है कि यहां नाले में खरपतवार खड़ी हो गई है। महावीर चौक पर शिकंजी का ठेला लगाने वाले अनस का कहना है कि आर्य समाज रोड का नाला थोड़ा ऊपर है, इसलिए महावीर चौक का पूरा पानी नहीं जा पाता। पानी यहां रुका रहता है और ढंग से सफाई नहीं हो पाती। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि शहर के जितने भी मुख्य नाले हैं, सभी से जल निकासी हो रही है। दो-चार छोटे नाले ऐसे हैं, जिनमें पानी का प्रवाह नहीं है। इनकी सफाई भी कराई जा रही है।
वर्ष जनंसख्या
1961 87622
1791 114783
1981 171816
1991 247624
2001 331668
2011 392768
2021 494743 अनुमानित
2031 645088 अनुमानित
यह भी जानिए
- आवासीय क्षेत्र का औसत घनत्व 750 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर लिया गया है।
- शहर में कुल आवासों की अनुमानित संख्या 246579 है।