तार-तार हुई मानवता
- डीसीएम और कार की टक्कर में हो गई थी दिल्ली निवासी युवक की मौत
- पुलिस ने शव को मोर्चरी के बजाए जानसठ सीएचसी के सभागार में रखवा दिया था
- रात में कुत्तों ने नोंच डाला, शुक्रवार की सुबह परिजनों ने किया हंगामा
- पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों कर रहे मामले की जांच की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। बृहस्पतिवार की शाम डीसीएम और कार की टक्कर में दिल्ली निवासी युवक की मौत हो गई। मीरापुर पुलिस ने उसके शव को शवगृह के बजाए जानसठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार कक्ष में रखवा दिया। रात में आवारा कुत्तों ने शव को नोंच लिया। शुक्रवार सुबह पहुंचे परिजनों ने इसे लेकर अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। जानसठ सीओ ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
दिल्ली के द्वारिकापुरी निवासी पांच दोस्त आशीष पुत्र जगन्नाथ, विकास पुत्र मुन्ना यादव, लोकेश (25) पुत्र कन्हैया लाल, राहुल पुत्र बिल्लू और तरुण कार से बृहस्पतिवार की शाम कोटद्वार में आयोजित होने वाले शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। मीरापुर क्षेत्र में बीआईटी पुलिस चौकी के पास सामने से आ रही डीसीएम और उनकी कार की भिड़ंत हो गई। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई। मीरापुर पुलिस ने घायलों को जानसठ सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर चिकित्सकों ने लोकेश को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस चारों घायलों को लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराने के लिए चली गई, जबकि लोकेश के शव को जानसठ सीएचसी के सभागार में ही रख दिया। देर रात आवारा कुत्तों ने मृतक के शव का चेहरा नोंच लिया। शुक्रवार सुबह चार बजे परिजन अस्पताल पहुंचे। शव की हालत देख उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर सीओ रविशंकर पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। परिजनों का आरोप था कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से शव को आवारा कुत्तों ने नोचा है। सीओ ने परिजनों को समझा-बुझाकर बमुश्किल शांत किया। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
मामले की कराएंगे जांच
चार घायलों को पुलिस जिला अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले गई थी। एक अस्पताल कर्मचारी शव के पास मौजूद था, लेकिन वह चाय पीने के लिए बाहर चला गया। सुबह चार बजे वहां पर परिजन भी आ गए थे। परिजनों ने शव को जानवर के नोंचने का आरोप लगाया है, इसकी जांच कराई जाएगी। - रवि शंकर, सीओ
पोस्टमार्टम से स्पष्ट होगी स्थिति
प्रक्रिया यह होती है कि मृतक के शव को पुलिस को सौंप दिया जाता है। सुबह चार बजे परिजनों को शव दिखाया गया था, उस वक्त शव ठीक था। शुक्रवार सुबह पता लगा कि मृतक के परिजनों ने जानवर द्वारा शव खाने का आरोप लगाया गया। यह जांच का विषय है। शव पोस्टमार्टम भेजा है, पोस्टमार्टम पता चल जाएगा। - डॉ. अशोक कुमार, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
सभागार के दरवाजे पर कुंडी तक नहीं थी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जिस सभागार कक्ष में मृतक लोकेश का शव रखवाया गया, उसके दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी। जिस कारण आवारा कुत्ते अंदर घुस गए और शव को नोच डाला। मृतक के परिजनों ने शव को नोंचते हुए कुत्ते को देखा था। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शव गृह में पूरी तरह से गंदगी भरी हुई थी। मृतक के परिजनों के हंगामा करने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल के शव गृह की भी जांच की थी। मृतक के शव को पोस्टमार्टम भेजने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने आनन-फानन में शव गृह की सफाई की।