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मजदूर रोजी रोटी की तलाश में सड़कों पर निकले

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कोरोना काल में श्रमिकों के समक्ष रोजी रोटी का संकट
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मुजफ्फरनगर, खतौली। कोरोना काल में श्रमिकों के समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
नगर और देहात में सैकड़ों ऐसे मजदूर हैं, जो प्रतिदिन दिहाड़ी पर मजदूरी कर अपने परिवार का लालन पालन करते हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लोगों की जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन ने तीन दिनों के लिए कोरोना कर्फ्यू लगा दिया। कोरोना की दस्तक से हर कोई व्यक्ति दहशत में है। सभी अपने घरों पर रहना चाहते हैं, लेकिन बच्चों की भूख के आगे विवश मजदूर अपनी जान की परवाह किए बिना मजदूरी की तलाश में लगे है। ऐसा मजदूर वर्ग रोजाना मिलने वाली मजदूरी से सामान खरीदकर अपने घर के सदस्यों का पालन करता है। जानसठ तिराहे पर भी कोराना कर्फ्यू होने के बाद भी दर्जनों मजदूर खड़े दिखाई दिए, उनकी आंखें ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रही थी, जो उन्हें मजदूरी पर ले जाकर सायंकाल को बच्चों के लिए रोटी के पैसे दे दे। जानसठ तिराहे पर खड़े गांव शेखपुरा निवासी परमानंद ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण अब दिहाड़ी कम मिल रही है, मकान में मजदूरी के अलावा पल्लेदारी भी कर लेते हैं, अब काम मिलना चाहिए। सुबह 11 बजे तक भी कोई काम नहीं मिलने से परेशान बुआड़ा गांव के देशराज ने बताया कि सुबह आठ बजे से यहां काम की तलाश में खड़े हैं, आज कोई मजदूरी कराने नहीं आया है।
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