मुजफ्फरनगर। पालिका प्रशासन की स्वामित्व वाली भूमि पर बनाए गए बरात घर पर कई दिनों से ताला लटका हुआ था। कुछ सभासद जनहित में बरातघर का ताला खुलवाने की मांग कर रहे थे। आरोप है कि पालिका ईओ लगातार टाल मटोल करते रहे। इस पर सभासदों ने मंगलवार को खुद ही ताला तोड़ कर बरातघर की साफ सफाई कराई।
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल की ओर से कब्जामुक्त कराई गई जमीन पर श्मशान घाट और बरात घर का निर्माण कराया गया था। रुड़की रोड पर बने बारात घर में जुलाई माह में श्रावण मास की शिवरात्रि पर नगरपालिका परिषद का पहला कांवड़ सेवा शिविर आयोजित किया गया था। इसी बीच 19 जुलाई को शासन ने चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। एक सप्ताह से बरात घर लगा ताला खुलवाने के लिए सभासद ओम सिंह, अरविंद धनगर और सभासद के पति राजकुमार आदि ने पालिका प्रशासन के संपर्क किया।
ओम सिंह और अरविंद ने बताया कि कई बार पालिका ईओ हेमराज सिंह से बरात घर का ताला खुलवाने के साथ ही वहां पर साफ सफाई कराने की मांग की गई, ताकि शहर के गरीब परिवारों की बच्चियों की शादी कराई जा सके। सभासदों का आरोप है कि आठ दिन से ईओ चाबी उनके पास नहीं होने की बात कहते हुए टाल-मटोल कर रहे थे। मंगलवार को सभासदों ने इसके बाद ताला तुड़वाया और पालिका के सफाई कर्मचारियों को बुलवाकर साफ सफाई का कार्य शुरू करा दिया। उधर, पालिका प्रशासक नगर मजिस्ट्रेट अनूप कुमार ने प्रकरण की जानकारी होने से इंकार किया है।