संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग ने जिला चिकित्सालय में मॉक ड्रिल की। सहारनपुर से पहुंचे स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बिनेश कुमार चावला ने पुरुष और महिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का भ्रमण करने के साथ-साथ वार्डों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। खामियां मिलने पर नाराजगी भी जताई। महिला अस्पताल में ऑक्सीजन मेनीफॉल्ट सेंट्रल पाइपलाइन सिस्टम की डिस्प्ले की खराबी होने पर ज्वाइंट डायरेक्टर ने नाराजगी जताई।
जिला चिकित्सालय पुरुष में एक हजार और महिला अस्पताल में पांच सौ लीटर की क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट सहित वार्डों में शुक्रवार को मॉकड्रिल किया गया। स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर ने ऑक्सीजन प्लांट के नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार वर्मा और टेक्नीशियन ने ऑक्सीजन के प्रेशर व अन्य जानकारी ली। इसके बाद महिला अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट के नोडल अधिकारी डॉ. निशकाम वर्मा से वार्डों में जाकर ऑक्सीजन की क्षमता और प्रेशर की जानकारी लेने के साथ-साथ उसे चलाकर देखा।
महिला अस्पताल में ऑक्सीजन मेनीफॉल्ट सेंट्रल पाइपलाइन सिस्टम की डिस्प्ले की खराबी होने पर ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बिनेश ने नाराजगी जताई। उन्होंने टेक्नीशियन को तुरंत सीएमएस को समस्या की शिकायत करने की बात कही। इस दौरान जिला चिकित्सालय पुरुष के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह, महिला सीएमएस के प्रतिनिधि डॉ. मुकेश उपाध्याय, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शमशेर आलम, फार्मासिस्ट अनिल कुमार, मोहम्मद हारून, अमित कश्यप मौजूद रहें।
इन जगहों पर किया भ्रमण
स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बिनेश कुमार चावला ने जिला चिकित्सालय पुरुष में ऑक्सीजन प्लांट और आइसोलेशन वार्ड का भ्रमण किया। दोनों जगहों पर ऑक्सीजन प्रेशर के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा महिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के बाद सीधे ऑक्सीजन मेनीफॉल्ट सेंट्रल पाइपलाइन सिस्टम, एचएफएनसी आइसोलेशन वार्ड और पीआईसीयू (पोस्ट ऑपरेटिव) वार्ड में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को चलवाकर देखा।
एक्सपायरी दवाओं को ना किया जाए स्टोर
स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बिनेश कुमार चावला ने पीआईसीयू (पोस्ट ऑपरेटिव) वार्ड में रखे दवाओं की अलमीरा को भी चेक किया। इनमें एक्सपायरी दवाओं को देखा। हालांकि इस दौरान उन्हें कोई भी दवा एक्सपायरी नहीं पाई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कहीं पर भी एक्सपायरी दवा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कोई भी बहाना या सफाई नहीं चलती है। इस बात का खास ध्यान रखा जाए।