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प्रशासन ने गलत तरीके से मुकदमा दर्ज किया : गोयल

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निष्क्रांत संपत्ति के मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। निष्क्रांत संपत्ति के मामले में दर्ज हुए मुकदमे में आरोपी बनाए गए अमित गोयल ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए है। उन्होंने डीएम और एसएसपी को इस संबंध में पत्र भेजा है।
अमित गोयल नेबताया कि सदाकत अली परिवार ने पाकिस्तान जाने से पहले प्रॉपर्टी बेच दी थी और कब्जा भी दिलाया था। तब से ही यह संपत्ति नगर पालिका में दर्ज है। उस समय खरीदने वाले भी भारतीय थे और बेचने वाले भी भारतीय थे। नियमानुसार ना यह निष्क्रांत और ना ही शत्रु संपत्ति है। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी नहीं है। 1946 से लेकर 2018 तक इस संपत्ति को लेकर कोई शिकायत नहीं हुईं। पहले यहां तीन फ्लैट होते थे, दो फ्लैट सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक सरकारी विभाग से खाली कराए गए थे। जो भी शिकायत हुई, वह गृह मंत्रालय से निस्तारित की गई। प्रशासन की पूरी कार्रवाई गलत है। गलत ढंग से मुकदमा दर्ज किया गया है।
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साथ ही मांग की संपत्ति का उपयोग करने और विकसित करने की अनुमति दी जाए। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर मेरी शिकायत का संज्ञान लें और कानून के तहत आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि कानून का पालन करने वाला नागरिक होने के नाते मुझे और परेशान न किया जा सके। झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता संजीव शर्मा के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही की जानी चाहिए।
अधिवक्ता अमित गोयल ने डीएम और एसएसपी को भेजे पत्र में कहा कि उपरोक्त संपत्ति का उपयोग करने और विकसित करने की अनुमति दी जाए। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर मेरी शिकायत का संज्ञान लें और कानून के तहत आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि कानून का पालन करने वाला नागरिक होने के नाते मुझे और परेशान न किया जा सके। झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता संजीव शर्मा के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही की जानी चाहिए।
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अधिवक्ता अमित गोयल ने डीएम और एसएसपी को भेजे पत्र में कहा कि उपरोक्त संपत्ति का उपयोग करने और विकसित करने की अनुमति दी जाए। झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता संजीव शर्मा के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
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