देहरादून के लिए खास
- सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में साक्ष्य नहीं हुए
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की पत्रावलियों में गवाही की प्रक्रिया नहीं हुई। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड़ संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सोमवार को सुनवाई हुई। सीबीआई बनाम मिलाप सिंह और सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में साक्ष्य नहीं हुए। सीबीआई की ओर से भी जवाब दाखिल नहीं किया गया। पीड़िता भी अदालत नहीं पहुंची। अदालत ने सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तिथि तय कर दी है।
बृज किशोर के मामले में आज सुनवाई
रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई बनाम बृजकिशोर की पत्रावली में बचाव साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सोमवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब सुनवाई के लिए मंगलवार का दिन तय किया है। विशेष एमपी एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने सुनवाई की।
यह था मामला
एक अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।