- विभागों की एनओसी, एमडीए की आपत्ति का जवाब नहीं दे पाए आवेदनकर्ता
- जिनके आवेदन निरस्त हुए उन पर की जाएगी कानूनी कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एमडीए में लगाए गए एक दिवसीय शिविर में सभी औपचारिकताएं पूरी करने वाले दस आवेदकों को नक्शा जारी कर दिया गया। कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने पर 75 आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। इन आवेदनकर्ताओं में जिन लोगों ने निर्माण कार्य कर लिया है, उन पर एमडीए कार्रवाई करेगा।
आवास और दुकान निर्माण के मानचित्र आसानी से जारी करने के लिए एमडीए ने मेरठ रोड स्थित ऑफिस में एक दिवसीय कैंप का आयोजन किया। इस कैंप में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी और एमडीए सचिव आदित्य प्रजापति ने मानचित्रों को लेकर जनता की सुनवाई की। एमडीए ने नक्शा जारी करने के लिए 11 से 16 सितंबर तक आवेदन कराए थे। 85 लोगों ने अपने आवास और व्यवसायिक भवन के लिए आवेदन किया था। अधिकतम मानचित्रों में एमडीए के जेई ने आपत्ति लगा दी। बड़ी संख्या में आम जनता को पालिका और तहसील से एनओसी नहीं मिल सकी। दोनों जगह जांच रिपोर्ट नहीं लगाई गई। इसे लेकर कर्मचारियों की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है।
परिणाम यह रहा कि 75 आवेदकों को निराशा ही हाथ लगी, इनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। केवल दस आवेदकों के ही मानचित्र स्वीकृत हो पाए। यहां आए आवेदकों को बड़ी संख्या मे निराश ही लौटना पड़ा। जिन लोगों के मानचित्र स्वीकृत नहीं हुए है, आवास या दुकान निर्माण करने पर अब एमडीए इन पर कार्रवाई करेगा। इनमें जो लोग अब तक एमडीए की कार्रवाई से बचे हुए थे वह स्वयं घेरे में आ गए है। एक दिवसीय कैंप में एमडीए के एसई जहीरुदीन, एक्सईएन विनीत अग्रवाल, एई भरतपाल, हरिशंकर गौतम, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, मानचित्र बनाने वाले इंजीनियर, बड़ी संख्या में आवेदक आदि मौजूद रहे।