- राजकीय संग्रहालय एवं आदर्श काॅलोनी में चल रहे कला शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। राज्य ललित कला अकादमी के तत्वावधान में शहर में दो कला शिविर आयोजित हो रहे हैं। दोनों शिविर में छात्र-छात्राओं का उच्च स्तर के कला शिक्षकों की ओर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बुधवार को विद्यार्थियों को पेंसिल शेड, जल रंग, पोस्टर कलर आदि बनाना सिखाया गया।
आदर्श काॅलोनी में कलांगन की ओर से आयोजित ग्रीष्मकालीन कला शिविर निरंतर आगे बढ़ रहा है। शिविर में दस साल से लेकर युवा कलाकारों की भागीदारी कलात्मक वातावरण को सार्थक बना रही है। कला शिक्षिका प्रीति प्रजापति ने यौगिक मुद्राओं को आधार बनाकर भारतीय योग की विद्या आदि महत्व पर प्रकाश डाला। अब समय आ गया है कि योग की भागीदारी शारीरिक शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया जाएं। भारतीय कला रेखा प्रधान है, इसीलिए शिविर में अजंता, राजस्थानी एवं पहाड़ी चित्रकला से जोड़ी आकृतियों का अभ्यास प्राथमिक स्तर पर कराया जा रहा है। शिविर में आचार्य महेंद्र कुमार, शिल्पी सिंह, डॉ. वैशाली वर्मा, अक्षत सिंह, वैदिक वर्मा, शिवम, आनंदी, अवनी, श्रेयांश, वेदांश, आयुष, विनय सैनी, देव सैनी, सागर, दक्षिणा, पुनीत कुमार आदि प्रशिक्षण प्राप्त किया।
राजकीय शैक्षणिक संग्रहालय में आयोजित चित्रकला शिविर में लाइव पोट्रेट बनाना सिखाया गया। संस्कार भारती मेरठ प्रांत के चित्रकला विद्या प्रमुख प्रवीण कुमार सैनी ने बताया कि इस कार्यशाला में शहर के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों के कलाकार अपनी रुचिपूर्ण कला का सृजन कर रहे है। डीएस पब्लिक स्कूल की आयुषी सैनी ने अब्स्ट्रेक्ट आर्ट बड़ी खूबसूरती से बनाई। प्रवीण सैनी ने पेंसिल शेड, जल रंग, पोस्टर कलर आदि बनाना सिखाया।