संवाद न्यूज एजेंसी
रोहाना/चरथावल (मुजफ्फरनगर)। जटनंगला में डेडिकेटेड फ्रेट रेल कॉरिडोर के निर्माणाधीन स्थल पर किसानों का धरना पांचवें दिन जारी रहा। भूमि के मुआवजे को लेकर एडीएम और डीएफसी के साथ हुई वार्ता हुई। मगर, इसका नतीजा नहीं निकल सका। किसानों ने समस्या का समाधान होने तक धरना जारी रखने की बात कही। उधर, धरने के कारण कॉरिडोर का निर्माण कार्य शनिवार को भी नहीं हो सका।
शनिवार की शाम को जिला मुख्यालय पर एडीएम वित्त अरविंद मिश्रा के साथ डीएफसी के एपीएम (एडिशन प्रोजेक्ट मैनेजर) कुलदीप शर्मा, एलएंडटी कंपनी के अधिकारी और किसान प्रतिनिधिमंडल की संयुक्त मीटिंग हुई। किसान प्रतिनिधिमंडल में भाकियू अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष नीरज पहलवान, जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी, प्रधान के प्रति अर्जुन नारवाल आदि शामिल रहे। पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के मुआवजे के मुद्दे पर किसानों की वार्ता रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से कराने की बात हुई। मगर, कई मुद्दों पर सहमति नहीं बनने से बैठक में कोई हल नहीं निकल सका।
जिलाध्यक्ष अंकित ने बताया रेलवे बोर्ड से वार्ता के लिए अफसर कोई नियत तिथि नहीं बता पाए। सिर्फ रेलवे बोर्ड को चिट्ठी लिखने से मामले का निस्तारण नहीं होने वाला है। किसान मुआवजा मिलने के बाद ही धरना खत्म करेंगे। निर्माण स्थल पर बेमियादी धरना पूर्ववत चलता रहेगा। कड़कड़ाती ठंड के बावजूद रात्रि में भी किसान धरना दे रहे है। धरने पर वासु, डा. दिनेश कुमार, दुष्यंत सहरावत आदि मौजूद रहे।
पांच दिन से कॉरिडोर का निर्माण ठप
धरने के कारण डेडिकेटेड फ्रेट रेल कॉरिडोर का कार्य भी पांच दिन से ठप है। कंपनी की जटनगला साइट के तमाम वाहन और कर्मचारी खाली है।