- शुकदेव आश्रम में शिक्षा ऋषि की 19वीं पुण्यतिथि पर जुटे श्रद्धालु
- संत, महात्माओं, आचार्यों और शिक्षाविदों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ के जीर्णोद्धारक, महान संत विभूति स्वामी कल्याणदेव की 19वीं पुण्यतिथि पर भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में वीतराग संत को श्रद्धा और भक्ति से स्मरण किया गया। बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि स्वामी कल्याणदेव का दिव्य जीवन और विचार समाज तथा राष्ट्र के लिए अनुकरणीय है।
शुकदेव आश्रम स्थित डोंगरे भागवत भवन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में सांसद मलूक नागर ने कहा कि वह आगामी संसद के सत्र में शुकतीर्थ के विकास को काशी, अयोध्या, मथुरा की तरह करने की मांग प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे। पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि गुरुदेव का जीवन लोक कल्याण की कर्म साधना में व्यतीत होता था।
विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल ने कहा कि स्वामी कल्याणदेव गांव, गरीब, किसानों की पीढ़ियों को शिक्षित बनाकर उनकी उन्नति चाहते थे। हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ.मुन्नी लाल रंगा ने कहा कि स्वामीजी का त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि सदाचरण से वीतराग संत ने ऋषियों की संस्कृति को गौरवान्वित किया।
अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश ने की। ट्रस्ट सचिव कुंवर देवराज पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, पूर्व मंत्री लखीराम नागर, पूर्व विधायक सुशीला अग्रवाल, गांधी पॉलिटेक्निक के पूर्व प्राचार्य रामपाल सिंह, आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह, मदरहुड यूनिवर्सिटी रुड़की के कुलपति डॉ. नरेंद्र शर्मा, मोहन प्रजापति, जगदीश पांचाल, राकेश ढिंगरा, गजेंद्र सिंह राणा, ब्रजभूषण अग्रवाल, यशवीर सिंह ने नमन किया। उधर, संत समाज की ओर से स्वामी गोर्धनदास महाराज, वेददास महाराज, सीताराम महाराज, अकोला महाराष्ट्र के मुरकर महाराज, उज्जैन के नारायणदास महाराज, वृंदावन के ब्रजेशानंद महाराज आदि उपस्थित रहे।
समाधि मंदिर में हुआ संत का चरणाभिषेक
शुकतीर्थ। वीतराग स्वामी कल्याणदेव के समाधि मंदिर में प्रातः चरणाभिषेक पीठाधीश्वर स्वामी ओमानन्द ने किया। आचार्य गिरीश उप्रेती एवं प्रदीप के साथ श्री शुकदेव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने मंत्रोच्चार किया। स्वामी भरतदेव, स्वामी कनक प्रभानन्द, कथा व्यास अंचल कृष्ण शास्त्री, सुमन शास्त्री आदि आचार्यों और पुरोहितों ने सहभागिता की। इससे पूर्व संत की स्मृति में 19वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्री मद्भागवत कथा सम्पन्न हुई। कथा व्यास आचार्य आशीष मिश्रा तथा यज्ञमान दिल्ली के कपिल गुप्ता रहे। यज्ञ की पूर्णाहुति हुई, जिसमे राष्ट्र कल्याण, शांति, सद्भाव और समृद्धि के लिए आहुतियां दी गई। शैलेश चौरसिया, चित्तौड़गढ़ के रमेश चंद्र डागा, हरीश शर्मा, दीपक मिश्रा, ठाकुर, युवराज, प्रशांत, धीरेंद्र आदि का सहयोग रहा।
शुकतीर्थ संक्षिप्त परिचय के तेलगू एवं मलयालम संस्करण का विमोचन
मोरना। श्रद्धांजलि समारोह में स्वामी ओमानन्द द्वारा लिखित शुकतीर्थ संक्षिप्त परिचय की मलयालम एवं तेलगू भाषा की पुस्तकों का विमोचन सांसद मलूक नागर ने किया। शिक्षाविद पूर्व प्रवक्ता गजेंद्र पाल सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार वर्मा, प्रधानाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह, प्रधानाचार्य अजय कुमार एवं फूलचंद, कैप्टन प्रवीण कुमार, एडवोकेट मदन पाल, महकार सिंह, रमेश मलिक, अमित पंवार, संजीव वर्मा ने शिक्षा ऋषि को पुष्पांजलि अर्पित की।