-मुस्लिम वार्डों में कम मत मिलने से रूकी सतेंद्र की हैट्रिक
-भाजपा और बसपा सहित पांच प्रत्याशी नहीं बचा पाए जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर मिले मतों को लेकर समर्थक पूरे दिन उलझे रहे। मुस्लिम वार्डों में अपेक्षा के अनुरूप मत नहीं मिलने के कारण निवर्तमान चेयरमैन सतेंद्र त्यागी की हैट्रिक पर विराम लग गया। मुस्लिम बहुल वार्डों में इस्लामुद्दीन ने बंपर वोटों की बदौलत कामयाबी हासिल कर ली। भाजपा और बसपा सहित पांच प्रत्याशी जमानत नहीं बचा पाए।
पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंघल तीसरी बार भी जीत का स्वाद नहीं चख सके। अनारक्षित सीट होने के बावजूद इस बार उन्होंने पत्नी मीनाक्षी को मैदान में उतारा था। मगर, अपेक्षा के अनुरूप मत नहीं मिलने के कारण वह मुस्लिम वार्डों में पिछड़ गए। मगर, उनके समर्थित चुने सदस्यों को उनसे ज्यादा वोट मिले। वार्ड नंबर छह मुर्दापट्टी में उनकी समर्थित सदस्य आमना बेगम को 564 मत मिले, जबकि उन्हें 213 वोट मिलीं।
हाथी की सुस्त चाल से राह कर दी आसान
निर्दलीय चुनाव लड़े इस्लामुद्दीन को मुस्लिम वार्ड शेखजादगान गर्बी में 727, नूरबाफान में 678, मुर्दापट्टी में 679, तगायान मुस्लिम उत्तरी में 428 एवं तगायान मुस्लिम (दक्षिणी) के दोनों बूथों पर 492 मत मिलें। बसपा प्रत्याशी वसीउद्दीन की हाथी की सुस्त चाल से उनकी जीत की राह आसान हो गई। बसपा प्रत्याशी को मुर्दापट्टी में 64 शेखजादगान गर्बी में 106, नूरबाफान में 108, तगायान मुस्लिम में 98, तगायान मुस्लिम दक्षिणी में 128 मत ही मिल पाएं। सिर्फ 632 मत मिलने के कारण वह जमानत नहीं बचा पाएं।
वर्ष 2017 में मिले मतों से पीछे रहे सतेंद्र
2012 में निवर्तमान चेयरमैन सतेंद्र त्यागी की पत्नी वीना त्यागी और 2017 में वह खुद कस्बे के प्रथम नागरिक चुने गए थे। पिछली बार उन्हें 3976 मत लेकर जीत दर्ज की थी। इस बार मुख्य मुकाबले में 3266 मत मिलें। उन्हें पिछले चुनाव से 710 कम मिलें। हालांकि मीनाक्षी सिंघल ने 3932 लेकर पिछले चुनाव में अपने पति सुधीर से 617 मत ज्यादा हासिल कर भी नाकाम रहीं। इस बार गौरव त्यागी चुनाव लड़े, लेकिन 707 मत मिलने के कारण उनकी जमानत नहीं बच पाई। वहीं भाजपा के अजय वर्मा 76, निर्दलीय पप्पी को 68 और आफताब आलम को 30 मिलने से जमानत जब्त हो गई।