चार सौ मरीज परामर्श ले रहे जिला चिकित्सालय में रोजाना त्वचा और आंखों के
चिकित्सकों ने त्वचा और आंखों को ढककर ही बाहर निकलने की सलाह दी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जैसे ही गर्मी की तपिश बढ़ रही है, अस्पतालों में त्वचा और आंखों के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। जिला चिकित्सालय में रोजाना त्वचा और आंखों के करीब चार सौ मरीज परामर्श ले रहे है। चिकित्सकों ने इस मौसम में अपनी त्वचा और आंखों को ढककर ही बाहर निकलने की सलाह दी है।
तेज धूप और धूल भरी हवा के कारण त्वचा और आंखों में बुरा असर पड़ता है। चिकित्सकों के मुताबिक तेज धूप में त्वचा संबंधित बीमारियां बढ़ जाती है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा का कहना है कि गर्मी के मौसम में एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। शरीर के संवेदनशील अंग विशेषकर आंख में एलर्जी होने का खतरा बढ़ जाता है। आंखों को उड़ती धूल, मिट्टी, गंदगी आदि से बचाएं। आंखों को अच्छे से ढकने वाला चश्मा पहनें। एलर्जी होने पर आंखों को रगड़ें व मलें नहीं। ठंडे साफ पानी से आंखों को धोएं।
उन्होंने कहा कि गर्मी में पसीना निकलने के कारण खाज-खुजली की समस्या भी होती है। पसीना त्वचा पर बैक्टीरिया और ऑयल के साथ मिल जाता है, जिससे एलर्जी हो जाती है। तेज धूप के कारण त्वचा काली भी पड़ जाती है। इसलिए एक साफ तौलिए या कपड़े से अपनी त्वचा से पसीना पोछें। पसीने से तर कपड़े, तौलिए और टोपियों को दोबारा पहनने से पहले धो लें।