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Muzaffarnagar News: चीनी मिल टिकौला ने किसानों का समस्त भुगतान किया

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पूर्ण भुगतान करने वाली मंडल और प्रदेश की पहली मिल बनी टिकौला
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भैसाना चीनी मिल ही ऐसी है, जो केवल 15 प्रतिशत ही भुगतान कर पाई है
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चीनी मिल टिकौला ने पेराई सत्र समाप्ति के तीन दिन बाद ही किसानों का समस्त भुगतान कर दिया। प्रदेश की पहली चीनी मिल है, जिस पर किसानों का एक भी रुपया बकाया नहीं है। उधर, भैसाना चीनी मिल भुगतान करने में सबसे फिसड्डी साबित हुई है।
जिले में आठ चीनी मिल है, जिनमें खतौली, टिकौला, मंसूरपुर, तितावी, खाईखेड़ी, रोहाना, मोरना, भैसाना शामिल है। किसानों ने इस बार अब तक 35 अरब 40 करोड़ 68 लाख एक हजार रुपये मूल्य का गन्ना सभी चीनी मिलों में डाला है। चीनी मिले किसानों को 83.80 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। यानि 28 अरब 86 करोड़ 21 लाख 23 हजार किसानों के खातों में जा चुका है।
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खतौली और मंसूरपुर चीनी मिल गन्ना आपूर्ति के 14 दिन के अंदर किसानों का भुगतान कर रही है। टिकौला चीनी मिल भुगतान में सबसे आगे निकली है। टिकौला चीनी मिल पेराई सत्र के प्रारंभ से ही 14 दिन के अंदर भुगतान कर रही थी। पेराई सत्र की समाप्ति के तीसरे दिन ही किसानों का समस्त भुगतान कर दिया है। इस चीनी मिल में किसानों ने छह अरब 40 करोड़ 11 लाख 27 हजार रुपये मूल्य का गन्ना डाला है। मिल ने किसानों का समस्त भुगतान कर दिया है। चीनी मिल पर किसानों का कोई पैसा बकाया नहीं है।
मिल डायरेक्टर निरंकार स्वरूप का कहना है कि टिकौला जिला, मंडल और प्रदेश की पहली चीनी मिल है, जिस पर किसान का कोई भी रुपया बकाया नहीं है। जिले में केवल भैसाना चीनी मिल ही ऐसी है, जो केवल 15 प्रतिशत भुगतान कर पाई है। बाकी अन्य चीनी मिलों की भुगतान की गति अच्छी है।
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किसान हमारी प्राथमिकता में : निरंकार
टिकौला चीनी मिल के डायरेक्टर निरंकार स्वरूप का कहना है कि हमारी प्राथमिकता हमेशा किसान रहे हैं। सत्र के प्रारंभ से ही हमने किसानों का भुगतान आपूर्ति के 14 दिन के अंदर किया है। सत्र समाप्ति के तीसरे दिन ही हमने किसानों का पूर्ण भुगतान कर दिया है।
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