मुजफ्फरनगर। बाजार ने गुड़ को गुरु और चीनी को चेला साबित कर दिया है। गुड़ के दाम इस बार चीनी से पांच रुपये किलो अधिक हैं। गांव का देशी उत्पाद तकनीक से तैयार गुड़ चीनी पर भारी हो गया है। बाजार में चीनी का थोक भाव 36 रुपये किलो और गुड़ के दाम 41 रुपये किलो है। मई के प्रारंभ में हुई बेमौसम बारिश के बाद से गुड़ के दाम ऊपर हैं।
बाजार में इस समय चीनी का थोक भाव 3600 रुपये प्रति क्विंटल है। गुड़ का थोक भाव 4100 रुपये प्रति क्विंटल है। मई के प्रारंभ में बेमौसम बारिश होने के बाद जिले में गुड़ का उत्पादन प्रभावित हो गया था। आठ मई से गुड़ के दाम लगातार चीनी से ऊपर चल रहे हैं। इस बीच गुड़ के थोक भाव 44 रुपये किलो तक पहुंच चुके हैं। गुड़ मंडी में सोमवार को गुड़ चाकू 1635 रुपये का 40 किलो बिका है, इस प्रकार गुड़ के दाम 4100 रुपये किलो हो गए। इसी प्रकार चीनी का थोक भाव 3600 रुपये क्विंटल रहा है। जीएसटी सहित चीनी 3800 रुपये क्विंटल बिक रही है। गुड़ अन्य खर्चों के बाद 4300 रुपये क्विंटल बिक रहा है। गुड़ व्यापारी अचिंत मित्तल का कहना है कि भंडारण कम होने के कारण ही दाम में उछाल आया है।
- देश के शीतगृहों में भंडारण कम
गुड़ मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि इस बार एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी में बीते वर्ष से तीन लाख से अधिक गुड़ के कट्टों का भंडारण कम है। देश के अन्य शहरों बड़ौदा, आनन्द, जोधपुर आदि में भी इस बार भंडारण कम है। गुड़ के दाम चीनी से ऊपर ही रहने की संभावना है।
- जिले में घटे तीन लाख कट्टे
गुड़ मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी ने बताया कि जनपद में गुड़ भंडारण के सात शीतगृह हैं। इन शीतगृहों में इस समय 12 लाख 27406 गुड़ के कट्टे हैं। गत वर्ष 29 मई में 15 लाख 39625 गुड़ के कट्टों का भंडारण था। इस बार तीन लाख 12219 गुड़ के कट्टे कम हैं।
- एक जनपद एक उत्पाद में शामिल है गुड़
प्रदेश सरकार ने एक जनपद एक उत्पाद में मुजफ्फरनगर में गुड़ को शामिल किया है। गुड़ की गुणवत्ता और आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गुड़ के प्रति जागरुकता भी बढ़ी है।