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डीएवी स्कूल पर छात्रों ने लहरा दिया था तिरंगा

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आजादी का अमृत महोत्सव :
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- आजादी की लड़ाई में छात्रों ने निभाई थी अग्रणी भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। आजादी की लड़ाई में छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शहर के डीएवी हाईस्कूल के छात्रों ने आंदोलन किया। स्कूल की छत पर तिरंगा लहराया, जिस पर अंग्रेज कलेक्टर जेवी लिंच ने भी हस्तक्षेप किया था। मगर, छात्रों ने तिरंगा नहीं उतरने दिया। झंडे के नीचे बैठकर रोजाना आजादी की लड़ाई की रणनीति बनाई जाती थी।
डीएवी स्कूल के छात्र आजादी की लड़ाई में खूब सक्रिय रहे। छात्र नेता त्रिलोकचंद जैन, जय प्रकाश, मामचंद, शिव चरण दास, अरुण गुप्त ने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। साल 1942 में छात्रों ने लाइब्रेरी से फास्फोरस निकाली और कोयले व अन्य पदार्थों के साथ मिलाकर डाकघर के लेटर बॉक्स में डाल दी थी। लेटर बॉक्स में आग लग गई। पुलिस ने जांच की तो शिव चरण दास को पकड़ लिया और जेल भेज दिया। तीन दिन बाद जमानत मिली थी। इसके बाद कॉलेज के छात्रों ने मंसूरपुर के पास टेलीफोन के तार काट दिए, जिससे अंग्रेज अधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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छात्र नेताओं ने कॉलेज की छत पर तिरंगा फहराया, जिस पर अंग्रेज कलेक्टर ने प्रधानाचार्य किशोरी लाल और प्रबंधक डॉ. हीरालाल को बुलाकर झंडा उतारने की बात कही। प्रबंधक और हेड मास्टर ने छात्र प्रतिनिधिमंडल से बात की, लेकिन छात्र सहमत नहीं हुए। बाद में तय किया गया कि जिम्नेजियम हॉल के ऊपर तिरंगा लगाया जाएगा। इसके बाद छात्र नेता इसी झंडे के नीचे बैठकर आंदोलन की रणनीति बनाने लगे।
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