चरथावल। कोरोना कर्फ्यू में किताबों और स्टेशनरी की दुकानों को खोलने की छूट नहीं मिलने से विद्यार्थी बाजारों में भटक रहे हैं।
कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को प्रमोट के बाद ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। देहात में कमजोर नेटवर्क की समस्या से बच्चे जूझ रहे हैं। कस्बे में स्टेशनरी की दुकानें पूरे महीने से बंद है। पढ़ाई की रफ्तार शुरू होने के बाद छात्र-छात्राएं परेशान हैं। नए सत्र का स्टॉक करने के कारण पुस्तक विक्रेताओं की स्थिति दयनीय बनी है। नालंदा पब्लिक स्कूल के कक्षा 10 कक्षा के छात्र अनंत, तारीक, कक्षा 12 छात्रा साक्षी, युवराज आदि का कहना है जिला प्रशासन को स्टेशनरी की दुकानें खोलने की मंजूरी देनी चाहिए। कोरोना कर्फ्यू में नए सत्र की किताबों के अलावा रजिस्टर आदि खरीदने को लाचार है। कस्बे के दुकानदार अमित कुमार और प्रमोद शर्मा कहते है कि ऑनलाइन पढ़ाई के आदेश के बाद शामली सहित अनेक जनपदों में स्टेशनरी की दुकानें खुल गई हैं। लेकिन इस जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का विद्यार्थियों की दिक्कतों की तरफ ध्यान नहीं है।