देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा की बैठक के दूसरे दिन शूरा सदस्यों ने विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया कि कुरआन पाक कंठस्थ करने वाले छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी दिया जाएगा। हालांकि आधिकारिक रुप से इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है। इसके साथ ही महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि और नई नियुक्तियों सहित अन्य मुद्दों पर गहनता से चर्चा की गई।
संस्था के मेहमानखाने में चल रही मजलिस-ए-शूरा की बैठक में मंगलवार को संस्था हित के कई अहम मुद्दों पर गहनता के साथ शूरा सदस्यों ने चर्चा की। इसमें वार्षिक बजट और कर्मचारियों के वेतन वृद्धि का मुद्दा अहम रहा। बताया गया है कि उस्तादों और विभिन्न विभागों में नई नियुक्तियों को लेकर बैठक में विचार विमर्श किया गया। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि शूरा सदस्यों ने कुरआन पाक कंठस्थ करने वाले छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाने पर सहमति जताई है। हालांकि सभी फैसलों पर अंतिम चरण की बैठक में मुहर लगेगी। इसमें मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी, प्राचार्य मौलाना अरशद मदनी, सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना हकीम कलीमुल्लाह, मौलाना मुफ्ती इस्माईल, मौलाना अकील सहारनपुरी, मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी, मौलाना अनवारुलहक, मौलाना आकिल, मौलाना महमूद राजस्थानी, मौलाना हबीब बांदवी और मुफ्ती शरीफ आदि मौजूुद रहे।