खतौली में श्रीकृष्ण संकीर्तन भवन से निकाली गई कलश यात्रा में भजनों पर नृत्य करती महिलाएं
खतौली। कथा व्यास सुशील पुरोहित वेदपाठी ने कहा कि श्रीमद्भागवतकथा मोक्ष दायिनी है। इसके श्रवण मात्र से ही मनुष्य भवसागर को पार हो जाता है। श्रीकृष्ण संकीर्तन भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा व्यास ने मंगलाचरण कर श्रीमद्भागवत का गुणगान किया। कथा व्यास ने पांच प्रकार के महापापियों का उल्लेख किया। इससे पहले सुबह मंदिर से कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया। कलश यात्रा बड़ा बाजार, इंदिरा मूर्ति, जीटी रोड, घंटाघर होते हुए मंदिर पहुंच कर संपन्न हुई। मुख्य यजमान दिनेश कुमार गुप्ता रहे। कथा में मुख्य रूप से भावेश गुप्ता, रितेश गुप्ता, पंकज भटनागर, मुकेश अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, मनोज अग्रवाल, मुकेश तायल , बिट्टू शर्मा, संजीव मिश्रा, दीपक, रवि, कन्हैया मित्तल, अरविंद वर्मा उपस्थित रहे।