विधान परिषद चुनाव में मुजफ्फरनगर- सहारनपुर सीट पर भाजपा और सपा का घमंड चकनाचूर हो गया है। बसपा ने एकतरफा जीत हासिल कर दोनो दलों को मुख्य मुकाबले से भी बाहर रखा। मुजफ्फरनगर जिले से भी एमएलसी के चुनाव में बसपा को बंपर वोट मिला है। बसपा के जिलाध्यक्ष कमल गौतम का कहना है कि पार्टी के सांसद राजपाल सैनी, तीनो विधायकों अनिल कुमार, नूरसलीम राना, मौलाना जमील ने एकजुट होकर पार्टी के लिए काम किया। पार्टी के सभी पदाधिकारी इस चुनाव में एक साथ खड़े दिखाई दिए। जिले में बसपा ने एक तरफा वोट हासिल कर सभी दलों के समीकरण बिगाड दिए हैं।
एमएलसी चुनाव में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने सूरत सिंह वर्मा को टिकट दिलाकर जीत का भरोसा दिलाया था, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर सके। चुनाव जीतने के लिए पार्टी में जिस तरह की एकजुटता होनी चाहिए वह कहीं दिखाई नहीं दी। इस चुनाव ने बीजेपी के मुगालते भी दूर कर दिए हैं। बसपा की जीत के सामने भाजपाई ठगा सा महसूस कर रहे हैं। सपा नेता भी इस चुनाव में जीत का दावा कर रहे थे। प्रदेश में सत्ता होने के बाद भी सपा मुख्य मुकाबले से तो बाहर रही ही, साथ ही तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। एमएलसी का चुनाव परिणाम यहां पार्टी संगठन में बड़े फेरबदल का कारण बन सकता है।
सपा प्रत्याशी गौरव जैन को जिलाध्यक्ष श्यामलाल बच्ची सैनी की संस्तुति पर टिकट दिया गया था। सपा यहां लगातार तीसरा चुनाव हारी है। जिला पंचायत, उपचुनाव के बाद यह बड़ा झटका है। राजनीतिक समीकरणों में बसपा ने यहां दोनो बड़ी पार्टियों को आईना दिखा दिया है। एकतरफा जीत हासिल कर सपा-भाजपा को मुख्य लड़ाई से भी बाहर कर दिया। बीजेपी और सपा दोनो को अब मंथन करना पड़ेगा। े