- गन्ने की खेती चार नई प्रजातियों को दिया जा रहा बढ़ावा
- 0238 में रोग आ जाने से गन्ना विभाग अन्य स्वीकृत प्रजातियों पर कर रहा फोकस
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले में इस बार 28 हजार 800 हेक्टेयर में गन्ने की चार नई प्रजातियों की बुवाई हुई है। गन्ना विभाग ने चीनी मिलों के सहयोग से किसानों को इन नई प्रजातियों का 16 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया है। 0238 में रोग आ जाने से विभाग गन्ने की शासन से स्वीकृत अन्य प्रजातियों के बीज के रूप में उपयोग पर बल दे रहा है।
जनपद में एक दशक बाद गन्ने की प्रजाति 0238 को किसानों ने कम करना शुरू किया है। शासन और गन्ना वैज्ञानिक बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि 0238 किसी भी समय पूरी तरह रोग की चपेट में आ सकती है। पश्चिम के कुछ जिलों को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश जिलों में यह रोग की चपेट में आ चुकी है। अब गन्ना शोध केंद्र के वैज्ञानिकों और गन्ना विभाग के अधिकारियों की बात किसानों की समझ में आने लगी है।
जिला गन्ना अधिकारी संजय सिसौदिया ने बताया कि जनपद में इस सत्र 28 हजार 800 हेक्टेयर भूमि में गन्ने की चार नई प्रजातियों की बुवाई की गई है। किसानों को चीनी मिलों के सहयोग से 16 लाख क्विंटल गन्ना इन प्रजातियों के बीच के रूप में उपलब्ध कराया गया है। जिन चार नई प्रजातियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ये सभी उत्पादन और रिकवरी में 0238 के समान ही हैं। किसानों को इनसे लाभ ही होगा। उन्होंने बताया कि 0238 पूरे प्रदेश में रोग की चपेट में है। पड़ोसी जनपद बिजनौर में भी बीमारी का व्यापक असर है। ऐसे में समय रहते किसानों को अन्य प्रजाति की खेती शुरू कर देनी चाहिए। गन्ना विभाग जिले में जिन नई प्रजातियों को बढ़ावा दे रहा है। इनमें को-0118, को-15023, को.शा. 13235, को. लख. 14201 शामिल है।
चीनी मिल नई प्रजाति
मोरना 1841 हे.
खतौली 5885 हे.
तितावी 4902 हे.
बुढाना 2910 हे.
मंसूरपुर 4251 हे.
टिकौला 4048 हे.
खाईखेड़ी 3580 हे.
रोहाना 1383 हे.