ट्रेजरी आफिस से पेशन के लिए अपनी माता को गोद में लेकर जाता होमगार्ड।
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जीवित होने का प्रमाणपत्र नहीं देने पर बंद हो गई पेंशन
मुजफ्फरनगर। पेंशन बंद होने पर जीवित होने का प्रमाणपत्र देने के लिए एक बेटा अपनी मां को गोद में उठाकर ट्रेजरी कार्यालय पहुंचा। वन विभाग में माली के पद पर कार्यरत लताफत अली ने बताया उसकी मां की आयु लगभग 85 वर्ष है। पिता जुम्मा वन विभाग में कार्यरत थे। उनकी मौत के बाद मां को करीब नौ हजार रुपये मासिक पेंशन मिल रही थी। फरवरी माह में पेंशनधारक को जीवित होने का प्रमाणपत्र देना पड़ता है, लेकिन मां यह प्रमाणपत्र जमा नहीं कर पाई। इसके बाद लॉकडाउन लागू हो गया। पेंशन बंद होने पर आज वह अपनी मां गांव सिकरेड़ा से किसी तरह जिला मुख्यालय लेकर आया। वह बिना सहारे के खड़ी नहीं रह सकती, इसलिए कलक्ट्रेट में गोद में उठाकर ट्रेजरी कार्यालय तक ले गया। उसने बताया ट्रेजरी में जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं।