श्रीकृष्ण संकीर्तन भवन में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। कथा व्यास सुशील पुरोहित वेदपाठी ने बताया कि भगवान ने कामदेव के अभिमान को दूर करने के लिए महारास किया। श्रीकृष्ण हजारों गोपियों के साथ थे। कामदेव ने अपने पांचों बाणों को गोपियों पर छोड़ा। भगवान के ऊपर उन बाणों का कोई प्रभाव नहीं हुआ। कामदेव का अभिमान चूर हुआ।
श्रीकृष्ण संकीर्तन भवन में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में वेदपाठी ने कहा कि उद्धव जैसे महाज्ञानी को प्रेम का पाठ पढ़ाने वृंदावन भेजा गया। उद्धव जी वृंदावन जाकर प्रेम के सागर में डूब गए। आए थे छह दिन के लिए रुक गए छह महीने। अंत में रुकमणी कृष्ण का विवाह धूमधाम से भक्तों ने मनाया। मुख्य यजमान दिनेश गुप्ता व अंजना गुप्ता ने कन्यादान किया। रुकमणी कृष्ण की झांकी देख कर भक्त भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। कथा में मुख्य यजमान दिनेश गुप्ता रहे ।
कथा में मुख्य रूप से पंडित वासुदेव शास्त्री, भावेश गुप्ता, रितेश गुप्ता, पंकज भटनागर, मुकेश अग्रवाल, सुधीर गोयल, ललित अग्रवाल, कुलदीप शर्मा, संजीव मिश्रा, मनोज अग्रवाल, मुकेश तायल, बृजेश राजपूत, श्यामलाल सैनी, अरविंद वर्मा, अंजू चड्ढा, प्रमोद शर्मा, तेजेंद्र भाटिया, किशोर गोयल आदि उपस्थित रहे।