संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ। कस्बे के प्राचीन सिद्धपीठ श्री ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि पर कांवड़िए भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। मंदिर की मान्यता दूर तक है। बुजुर्ग बताते हैं कि सच्चे मन से मंदिर में मांगी गई मन्नत पूरी होती है।
गांव बसायच जाने वाले मार्ग पर प्राचीन सिद्धपीठ श्री ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। मंदिर में भगवान शिव की पिंडी और मूर्ति के अलावा राधा कृष्ण, श्री हनुमान जी, माता दुर्गा देवी, श्री काली माता, श्री शनिदेव और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। मंदिर परिसर में विशाल वट वृक्ष भी स्थित है।
कथा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने युद्ध टालने के लिए इसी वटवृक्ष के नीचे ठहरकर पांडवों और कौरवों को समझाने का प्रयास किया था। मंदिर में दूरदराज से काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रवीण तंवर का कहना है कि मंदिर में ठहरने वाले कांवड़ियों के लिए विशेष इंतजाम रहते है।