संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में कृषि स्नातक व स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं प्रबंधन संस्थान हैदराबाद के तत्वावधान में कार्यशाला कराई गई। छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए अनेक बारीकियों को समझाया।
कार्यशाला का शुभारंभ कौशल राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, एमवी रामपुर मनिहारान के प्राचार्य ओमकार सिंह ने किया। राज्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं की चर्चा करते हुए छात्र-छात्राओं से शिक्षा के साथ-साथ उद्यमी बनने के रास्ते सुझाए। इस तरह की कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता बताई।
प्रथम सत्र में हैदराबाद की राष्ट्रीय उच्च कृषि शिक्षा परियोजना के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. एसके सोम ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (बौद्धिक संपदा) में कृषि उद्यमिता पर विस्तृत चर्चा करते हुए छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए अनेक बारीकियों को समझाया।द्वितीय सत्र में आईएआरआई पूसा से आए वैज्ञानिक डॉ. गिरिराज सिंह मेहरा ने छात्र-छात्राओं को विख्यात उद्यमी बनने की राह में संवाद शैली, कौशल विकास एवं साक्षात्कार शैली विकसित करने के लिए तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं को समझाया। इसके बाद जनपद के प्रसिद्ध कृषि उद्यमी सुनील कुमार सिंह, विनोद कुमार, संजीव गुप्ता और सत्यपाल सिंह ने अनुभव साझा किए।
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र कुमार ने छात्रों को एयरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, आईसीएआर के विभिन्न तकनीक से कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के बारे में छात्रों को अवगत कराया। डॉ. चंद्रभानु ने छात्रों को कृषि उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं जैसे इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप और वित्तीय उपलब्धता के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. नरेश मलिक और संचालन डॉ. रवीश कुमार वर्मा ने किया।
इस मौके पर प्रोफेसर विजय कुमार ढाका, डॉ. एके सिंह, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. आरके सिंह, डॉ. एसके सिंह, डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ. जोनी कुमार, डॉ. अभिषेक सिंह मौजूद रहे।