मुजफ्फरनगर। शामली के बहावड़ी गांव में मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान डकैती और घर में आगजनी के आरोप के मामले में साक्ष्य के अभाव में सात आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया। वादी मुकदमा सहित सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए थे।
थाना फुगाना क्षेत्र के गांव बहावड़ी में आठ सितंबर 2013 की रात को एक घर में डकैती डालने के बाद आगजनी की गई थी। पीड़ित अय्यूब ने घटना के 10 दिन बाद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि गांव बहावड़ी निवासी लोकेश, आशीष, नीटू, कुलदीप उर्फ कुल्ली, अरविंद, नरेश और भोलू एवं करीब 200 अज्ञात व्यक्ति लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर सात और आठ सितंबर 2013 की रात को उनके घर में घुस गए थे। आरोपियों ने नारेबाजी करते हुए उनके घर को घेर लिया और भीतर घुसकर लूटपाट की। इस दौरान उसकी पत्नी के आभूषण एवं अन्य सामान लूट लिया गया। जबकि लाखों रुपये का सामान तोड़फोड़ दिया गया। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे। जिसके बाद हमलावरों ने उनके घर में आग लगा दी, जिससे उनका काफी नुकसान हुआ। किसी तरह परिवार के साथ कैराना राहत शिविर में पहुंचकर उन्होंने शरण ली।
अभियोजन के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर एसआइटी ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। घटना के मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट-3 में हुई। अभियोजन की ओर से कोर्ट में छह गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद साक्ष्य के अभाव में सभी सात आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।