देवबंद (सहारनपुर)। स्वतंत्रता सेनानी स्व. अल्लामा अनवर शाह कश्मीरी के पौत्र व इस्लामी तालीम के दूसरे बड़े इदारे दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद एवं प्रसिद्ध लेखक मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर का हृदय घात के चलते इंतकाल हो गया। वह 62 वर्ष के थे। उनके इंतकाल की खबर से इस्लामिक हल्कों में शोक लहर दौड़ गई। दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम सहित उलमा, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के लोगों ने उनके इंतकाल पर गहरे दुख का इजहार किया है।
मोहल्ला खानकाह निवासी मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। जिनका घर पर इलाज चल रहा था। रविवार की शाम करीब छह बजे अचानक सीने में दर्द होने के बाद हृदय घात हो गया। मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर पिछले करीब 35 वर्षों से भी अधिक समय से इस्लामी तालीम के दूसरे प्रमुख इदारे दारुल उलूम वक्फ में बतौर उस्ताद सेवाएं दे रहे थे। इतना ही नहीं उन्होंने विभिन्न विषयों पर 40 से अधिक पुस्तकों का लेखन भी किया है। मौलाना नसीम के छोटे भाई वरिष्ठ लेखक सैयद वजाहत शाह ने बताया कि शाम के समय अचानक हार्ट फेल हुआ है। उनके इंतकाल पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी, नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी, मौलाना अहमद खिजर शाह कश्मीरी, मौलाना शकेब कासमी, मौलाना बिलाल कासमी, मौलाना मुफ्ती असद कासमी, मुफ्ती अरशद फारुकी, कारी इस्हाक गोरा, पूर्व विधायक माविया अली, नजम उस्मानी, पालिकाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी, रिजवान सलमानी, आरिफ उस्मानी, मुफ्ती शरीफ खान, मौलाना नूरुल हुदा कासमी आदि ने गहरे दुख का इजहार किया है।