मुजफ्फरनगर। आरोपी शिक्षिका के घर में संचालित नेहा पब्लिक स्कूल सोमवार को बंद मिला। खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर संजय भारती ने स्कूल का निरीक्षण किया गया। साथ ही पीड़ित बच्चे के परिजनों से बातचीत कर उन्हें सरकारी विद्यालय में दाखिला दिलाने को लेकर चर्चा भी की गई, लेकिन सहमति नहीं बनीं।
शाहपुर ब्लॉक के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल बंद होने से वहां पढ़ने वाले अन्य 50 बच्चों के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। खंड शिक्षा अधिकारी संजय भारती ने स्कूल का निरीक्षण कर प्रधानाचार्या तृप्ता त्यागी से बातचीत की। प्रधानाचार्या ने बीईओ से नोटिस मिलने का जिक्र करते हुए स्कूल बंद करने की बात कही। बीईओ ने बताया कि विभाग की ओर से फिलहाल स्कूल चलाने के लिए मना नहीं है। जब तक विभाग की ओर से अग्रिम आदेश नहीं आता है, तब तक वह स्कूल में बच्चों को पढ़ा सकती है।
इसके बाद बीईओ संजय भारती ने पीड़ित बच्चे के परिजनों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चे का दाखिला परिषदीय स्कूल में करा सकते हैं। इस पर परिजनों ने उन्हें बताया कि जमीयत उलमा हिंद के लोगों ने बच्चे को पढ़ाने की बात कही है।
- मानक पूरे नहीं, मान्यता रद्द करने की तैयारी
बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल को को नोटिस भेजा है। मानक अधूरे हैं। हालांकि मौखिक तौर पर घर के सामने स्कूल में काम चलने की बात कही गई है। मानक तय समय में पूरे नहीं किए गए तो मान्यता रद्द की जाएगी।
- बच्चों के भविष्य पर मंडराया खतरा
नेहा पब्लिक स्कूल बंद है और बच्चे सोमवार को किसी भी स्कूल में नहीं गए। बच्चों के स्थानांतरण का अभी तक प्रशासन ने भी कोई प्रयास नहीं किया है। ऐसे में बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है। गांव में कक्षा पांच तक सरकारी स्कूल संचालित है, जिसमें 110 बच्चे पढ़ते हैं।