05 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर हो रही परेशानी
समाधान के लिए किसान तहसील और ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। घर अलग गांव में और जमीन दूसरे गांव के रकबे में चढ़ा दिए जाने से जिले के करीब पांच हजार किसानों को किसान सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है। ये किसान तहसील और ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हो गए हैं।
ग्राम पंचायत शकरपुर एवं कैल्लनपुर के किसानों की अक्तूबर 2022 की 12वीं एवं फरवरी 2023 की 13वीं किसान सम्मान निधि की किश्त नहीं मिल पाई है। किसानों के खाते आधार से तो लिंक हो गए हैं, लेकिन लैंड सीडिंग नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन सदर तहसील के बजाय जानसठ तहसील के भिक्कनपुर गांव में कृषि विभाग की लापरवाही से दर्ज हो गई है। सभी केवाईसी करा चुके हैं, दस्तावेज कई बार दे चुके हैं।
अब अधिकारी उनकी जमीन की लैंड सीडिंग का कार्य नहीं करा पा रहे हैं। किसानों को ब्लाक पुरकाजी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाई रहा है। इस तरह की समस्या जिले के करीब पांच हजार किसानों के सामने है। जिन किसानों की किश्त रुकी है, उनमें मनोज कुमार, रविन्द्र कुमार, राजकुमार, शिवेंद्र, सुशील कुमार, दीपचन्द, ओमसिह, संदीप, प्रमोद आदि शामिल हैं।
तहसील में हो रही लैंड सीडिंग
तहसीलों में किसानों के खातों से लैंड सीडिंग करने का कार्य चल रहा है। जिन किसानों की किश्त नहीं आई हैं, वे तहसील में जाकर लैंड सीडिंग का कार्य करा लें। - जसवीर सिंह तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी