- जाट बाहुल गांवों में भी 60 फीसदी के करीब रहा मतदान
- मुस्लिम और दलितों के कई बूथों पर धीमी रही मतदान की रफ्तार
मदन बालियान
मुजफ्फरनगर। खतौली में चुनाव के बाद सियासी चबूतरों पर दिनभर वोटों का गणित फलाया गया। विधानसभा में 57.47 प्रतिशत मतदान हुआ है। सैनी और गुर्जर बहुल बूथों पर खूब उत्साह दिखा। जाट और मुस्लिमों के गांवों में औसत मतदान रहा है। दलित मतों के रुख और मुस्लिमों को लेकर भाजपा के दावे के बाद नई बहस छिड़ी है। नतीजे बताएंगे कि मुस्लिमों में सेंधमारी की रणनीति में भाजपा कितनी कामयाब रही।
भाजपा ने कवाल गांव की पूर्व प्रधान राजकुमारी सैनी को प्रत्याशी बनाया था। ऐसे में सैनी समाज के गांवों में मतदान पर सबकी निगाह टिकी थी। राजकुमारी सैनी के मायके खलवाड़ा में मतदान को लेकर खूब उत्साह दिखाया। यहां कुल 1255 में से 927 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सात महीने पहले हुए मुख्य चुनाव में भाजपा के निवर्तमान विधायक विक्रम सैनी को गांव से 634 वोट मिले थे, जबकि गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व सांसद राजपाल सैनी को 176 और बसपा प्रत्याशी पूर्व विधायक करतार भड़ाना को 182 वोट मिले थे।
सैनी समाज के सैदीपुरा राजू गांव के 848 मतदाताओं में से 623 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है। मुख्य चुनाव में भाजपा को 456 और गठबंधन को 188 वोट मिले थे। देखने वाली बात यह होगी कि इस बार किसके हिस्से में कितने वोट आते हैं।
मनव्वरपुर कलां में कुल मतदाता 1265 हैं, जिनमें से 768 ने मताधिकार का प्रयोग किया है। सात महीने पहले इस गांव में विक्रम सैनी को 456, पूर्व सांसद राजपाल सैनी को 196 और पूर्व विधायक बसपा प्रत्याशी करतार भड़ाना को 115 वोट मिले थे। सैनी समाज के अधिक जनसंख्या वाले सिकंदरपुर में 2892 मतदाताओं में से 1738 मतदाताओं ने वोट डाले हैं। यहां भी मुख्य चुनाव में भाजपा जीत चुकी है। गठबंधन को 647 वोट मिले थे, दिलचस्प बात यह है कि गांव के एक बूथ पर बसपा को 391 वोट मिले थे।
बडसू गांव में 3407 मतदाता हैं। मुख्य चुनाव में यहां भाजपा को 1275 वोट मिले थे, जबकि रालोद को 516 और बसपा को 472 वोट मिले थे। इस बार बसपा का प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं था, ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि बडसू में भाजपा और गठबंधन के बीच कितनी टक्कर होगी।
गुर्जर समाज के प्रमुख गांवों में शामिल अंतवाडा के 2602 मतदाताओं में से कुल 1773 ने मतदान किया। मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। सात महीने पहले की बात करें तो मुख्य चुनाव में यहां भाजपा को 1118, गठबंधन को 214 और बसपा को 508 वोट मिले थे। यह भी याद रहे कि बसपा से चुनाव लड़ रहे पूर्व विधायक करतार भड़ाना को गुर्जर वोट मिले थे। अब देखने वाली बात यह होगी कि गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में बसपा के कितने पड़े हैं।
मुस्लिम बहुल गांवों के मतदान का रुझान अलग-अलग तरह का रहा। जानसठ क्षेत्र के मुस्लिम बहुल बूथों पर अधिक मतदान हुआ, लेकिन खतौली क्षेत्र के बूथों पर मुस्लिमों का रुझान मुख्य चुनाव की तुलना में कम नजर आया। गांव दाहखेड़ी के कुल 2594 मतदाताओं में से 1603 ने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्य चुनाव की बात करें तो गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने गांव में 1647 वोट हासिल किए थे, जबकि भाजपा के विक्रम सैनी ने 256 वोट लिए थे।
मुस्लिम बहुल गांव काटका में 2940 मतदाताओं में से कुल 1710 लोगों ने मतदान किया। सात महीने पहले हुए मुख्य चुनाव में गठबंधन को यहां 1714 वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 254 वोट मिले थे। इस बार गांव में करीब 58 फीसदी मतदाता ही बूथों तक पहुंच सके हैं। मुस्लिम बाहुल फुलत में भी 50 फीसदी ही मतदान हुआ है। यहां 2610 मतदाताओं में से 1313 वोटरों ने मतदान किया। मुख्य चुनाव की बात करें तो भाजपा को 339, गठबंधन को 581 और बसपा को 569 वोट मिले थे। बसपा को मिले वोटों से दलित-मुस्लिम समीकरण का रुझान बना था, लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि इस बार गांव का रुख क्या रहता है।
यह रहा सोंटा और दूधाहेड़ी का हाल
जाट बहुल गांव माने जाने वाले सोंटा में 2275 मतदाताओं में से 1677 लोगों ने मतदान किया। यहां वोटरों में उत्साह रहा। मुख्य चुनाव में भाजपा को 708, गठबंधन को 697 वोट मिले थे और बसपा प्रत्याशी पूर्व विधायक करतार भड़ाना को 497 वोट मिले थे। इस बार बसपा चुनाव में नहीं थी, ऐसे में यहां हुए मुकाबले पर सबकी निगाह है। दूधाहेड़ी में 3541 वोटर हैं, यहां पर 1850 मतदाताओं ने वोट डाले हैं। मुख्य चुनाव में भाजपा को 1206, गठबंधन को 865, बसपा को 247 वोट मिले थे।
घासीपुरा व बेगराजपुर पर सबकी निगाह
बेगराजपुर गांव में कुल 2468 मतदाताओं में से 1645 ने वोट डाले हैं। मतदान बेहतर रहा। सात माह पहले यहां हुए मुख्य चुनाव में भाजपा को 990, गठबंधन प्रत्याशी राजपाल सैनी को 804 वोट मिले थे। इस बार मुकाबले पर सबकी नजर रहेगी।
रतनपुरी में यह रही मतदान की चाल
ठाकुर बहुल रतनपुरी गांव में कुल 3389 मतदाता हैं, यहां कुल 1854 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। करीब 57 फीसदी मतदान हुआ। मुजाहिदपुर में भी 54 फीसदी मतदान हुआ है, जबकि भूपखेड़ी में करीब 55 फीसदी मतदान हुआ।