तितावी। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के राष्ट्रीय प्रधान स्वामी आर्यवेश ने कहा कि ऋषि दयानंद धर्म और संस्कृति के रक्षक थे। सनातन धर्म के मूल्यों, आदर्शो और सिद्धांतो के लिए ऋषि के बताए मार्ग पर चलिए।
गांव ढिंढावली में स्थित आर्य वैदिक कन्या इंटर कालेज में आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में राष्ट्र की एकता, समृद्धि और जनकल्याणार्थ यज्ञ में छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने आहुतियां दी। स्वामी आदित्यवेश ने भारत की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को मिटाने पर तुली राष्ट्र विरोधी शक्तियों का विरोध करने का आह्वान किया। डॉ. धीरज कुमार आर्य ने वेद मंत्रों की व्याख्या की। स्वामी सत्यवेश ने भजनों के द्वारा बुराइयां त्यागने का आह्वान किया। स्वामी ओमानंद, दिल्ली से आचार्य अजित कुमार, मेरठ से वानप्रस्थी लक्ष्मी चंद आर्य, सत्य मुनि, ओमवीर सिंह आर्य ने विचार व्यक्त किये। भजनोपदेशक योगेश दत्त आर्य एवं सुकीर्ति आर्य ने देशभक्ति भजन सुनाये। संचालन संसार सिंह आर्य ने किया। सीता राम शर्मा, यतेंद्र आर्य, जितेंद्र बिट्टू, ऋषिपाल सिंह, सहदेव सिंह, सचिन शर्मा, प्रेम सिंह फौजी, संजीव टीटू आदि का सहयोग रहा।