मुजफ्फरनगर। शाहपुर में दो दिन पहले पुलिस मुठभेड़ में मारा गया पचास हजार का इनामी राशिद उर्फ सिपइया उर्फ चलता फिरता अपने रिश्तेदारों से भी संबंध और संपर्क नहीं रखता था। यही कारण रहा कि उसकी मौत के 36 घंटे बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। सोमवार सुबह उसकी बहन पुलिस के पास पहुंची। उसने शिनाख्त की और इसके बाद पुलिस की निगरानी में शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
राजस्थान के गांव चडावा के मूल निवासी और वर्तमान में मुरादाबाद के थाना भोजपुर के गांव पीपलशाना निवासी राशिद उर्फ सिपइया उर्फ चलता फिरता पर पचास हजार का इनाम था। वह शाहपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस ने उसका शव मोर्चरी में रखवाया था। सूत्रों के अनुसार 36 घंटों में कोई भी रिश्तेदार और परिचित नहीं पहुंचा जिस कारण सही से उसकी शिनाख्त करने वाला नहीं था। पुलिस टीम इस मामले को लेकर पशोपेश में थी। सोमवार सुबह लगभग नौ बजे शाहपुर थाने में राजस्थान के जयपुर में रहने वाली खुशी पत्नी सोहिल अपने बेटे और बेटी के साथ पहुंची। उसने राशिद की पहचान अपने भाई के रूप में की।
थाना प्रभारी बबलू कुमार ने बताया कि खुशी ने बताया कि राशिद अपराधी प्रवृत्ति का था इसलिए वह अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं रखता था। उसकी पांच बेटी हैं। एक की शादी हुई है और वह बेटी व दामाद के परिवार को भी अपने ही साथ रखता था। लेकिन वह वर्तमान में कहां रह रहा था उन्हें मालूम नहीं हैं। राशिद डेरा डालकर रहता था और कहीं भी डेरा डाल लेता था। इसलिए उसके रहने की कोई जानकारी नहीं थी।
थाना प्रभारी ने बताया कि खुशी की ससुराल शामली के गांव मंसूरा में है लेकिन वह जयपुर में रहती है। उसका कहना था कि उसने यूट्यूब पर एक वीडियो देखी थी तब उसे राशिद की मौत की जानकारी हुई। शिनाख्त कराने के बाद खुशी ने राशिद के शव को सुपुर्दगी में लेकर थाना सिविल लाइन के सरवट गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया। इस दौरान शाहपुर पुलिस भी मौजूद रही।