सीबीआई के अधिवक्ता धारा सिंह मीना ने मुकदमे के विवचेक रहे यशपाल सिंह के बयान कराए। विवेचक की गवाही पूरी हो गई है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने गवाह से जिरह की।
अदालत ने अन्य गवाहों के साक्ष्य के लिए सात अगस्त की तिथि तय कर दी है। अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया मामले मे शामली के झिंझाना थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर रहे बृज किशोर सहित दो आरोपी है।
क्या था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया था। पुलिस की फायरिंग में सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने जांच की। अलग-अलग मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है।