- कई जगह गिरी गेहूं की फसल, आलू को नुकसान
- सरसों की फसल के खराब होने का बना खतरा
- आम के बोर के लिए भी खतरनाक है तेज हवा
- 27.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई जिले में
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बरसात के कारण जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा। बसेड़ा में ओलावृष्टि हुई। गेहूं की फसल गिर गई। आलू के खेतों में जलभराव हो गया, जिससे फसल को खतरा बन गया है। तेज हवा के कारण शहर के मेरठ रोड पर पेड़ टूटकर गिर गया। इससे आवागमन प्रभावित हुआ।
शुक्रवार की रात से ही जिले के कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई थी। छपार क्षेत्र के बसेड़ा में ओलावृष्टि हुई। किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। बारिश के कारण दिन का अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। जबकि शुक्रवार रात का न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जिले में 27.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण गन्ने की बुआई और कोल्हू का संचालन प्रभावित हुआ। शनिवार को आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बाजार भी सूने पड़े रहे। सड़कों पर वाहनों की संख्या भी प्रभावित हुई।
20 मार्च तक के लिए प्रशासन ने किया अलर्ट
मुजफ्फरनगर। जिले में बारिश को देखते हुए 20 मार्च तक अलर्ट जारी किया गया है। जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी का कहना है कि लोग पुराने जर्जर भवनों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकले। खुले सीवर व बिजली के तारों से बचकर रहे। निर्माण कार्य वाले स्थल से उचित दूरी बनाकर रखें।
यहां कर सकते हैं संपर्क
विद्युत ब्रेकडाउन के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। अन्य किसी समस्या मे इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेन्टर/जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के फोन नंबर 01312436918/9412210080 पर सम्पर्क कर सकते हैं। आकाशीय बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव एवं पूर्व चेतावनी के लिए दामिनी एप का प्रयोग करें।
सरसों को सबसे ज्यादा खतरा
जानसठ। बारिश होने से गेहूं व सरसों की फसलों को नुकसान होने से किसान बेहद चिंतित हैं। किसान राजेंद्र, हरबीर, शमशाद, प्रहलाद, समीर, आलोक, हरेंद्र का कहना है कि खेतों में सरसों की फसल तैयार खड़ी है। बारिश व हवा चलने से सरसों की फसल खेतों में नीचे गिर सकती है।
बारिश से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान
पुरकाजी। तेज मूसलाधार बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। गन्ने की बुवाई प्रभावित हो गई है। किसान गोल्डी राठी, प्रताप सिंह, नेपाल सिंह, मुबारक अली का कहना है कि बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान हुआ है।
ककरौली में गिरी बिजली, उपकरण फुंके
ककरौली गांव में शुक्रवार रात तेज बारिश हुई। इसी दौरान बिजली गिरने से घरों के विद्युत उपकरण फुंक गए। ग्रामीण तोसीन, बिलाल, विकास जैन, आशु, लोतिया, गाटा, साकिब, भूरा, जुल्फिकार, बिट्टू आदि के विद्युत उपकरण जल गए। तौसीन का पानी का टैंकर धमाके की आवाज के साथ फट गया।
किसानों की फसल गिरी
छपार। बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। बसेड़ा और भैंसरहेड़ी में आलोवृष्टि हुई। किसान बिजेंद्र धीमान की सात बीघा गेहूं की फसल गिर गई है।