- सुबह कोहरा, दिनभर आम जन जीवन रहा अस्त-व्यस्त
- मौसम विज्ञानियों का अनुमान, सोमवार को भी होगी बूंदाबांदी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मौसम फिर बदल गया। रविवार सुबह कोहरा छाया रहा। बूंदाबांदी से दिनभर आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। दिन के तापमान में 8.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का प्रकोप बन गया है। बारिश 4.2 मिली मीटर रिकॉर्ड की गई।
चार दिन लगातार मौसम साफ रहने से लोगों को सर्दी से राहत मिली थी, लेकिन रविवार को फिर मौसम बदल गया। सुबह से ही आकाश में काले बादल छा गए। दोपहर के समय बूंदा-बांदी शुरू हो गई। आकाश में बादल छाए रहने और बारिश होने से मौसम में अचानक बदलाव आ गया। दिन का तापमान अचानक घटकर 15.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। एक दिन पहले यह 24.2 डिग्री सेल्सियस था। जबकि न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आर्द्रता 100 प्रतिशत रही। दिन में बारिश होने से जनजीवन भी प्रभावित रहा। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने के कारण आवागमन अत्यधिक प्रभावित हुआ। सुबह दस बजे तक कोहरा छाया रहा। शाम के समय तेज बारिश हुई।
बाजारों में कम रही आवाजाही
बारिश के कारण रविवार को लोगों की बाजारों में आवाजाही कम रही। शहर के प्रमुख बाजारों में ग्राहक कम पहुंचे। इसके अलावा मौसम का यातायात व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा। रेवले स्टेशन और रोडवेज अड्डे पर भीड़ दिखाई नहीं दी।
बंद करने पड़े कोल्हू
बारिश के कारण कोल्हू का संचालन बंद हो गया। ईंधन गीला होने के कारण कोल्हू में गन्ने की पेराई रोकनी पड़ी। इसके अलावा चीनी मिलों के क्रय केेंद्रों पर भी गन्ने की आपूर्ति बाधित रही।
बारिश में शहर की विद्युत आपूर्ति लड़खड़़ाई
मुजफ्फरनगर। दोपहर से हो रही बारिश से शहर में जगह-जगह फाल्ट हो जाने से विद्युत व्यवस्था लड़खड़़ा गई है। अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक फाल्ट ठीक कराने में लगे रहे।
बारिश के शुरू होते ही शहर की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है। लगातार बारिश के चलते जगह-जगह फाल्ट हो गए। अधिकारी और कर्मचारी फाल्ट ठीक कराने में लगे रहे। शाम के समय तेज बारिश के बाद मानो पूरे शहर की आपूर्ति लड़खड़़ा गई। शहर अंधेरे में डूब गया। आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पउ़ा। कुछ स्थानों पर पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई। बिजली के चले जाने से शहर के मुख्य मार्गों पर भी अंधेरा छा गया। अधिशासी अभियंता नगर अनूप मिश्रा ने बताया कि बारिश के कारण लगातार जगह-जगह फाल्ट हो रहे हैं। ऐसा कोई बिजली घर नहीं बचा है, जिसमें फाल्ट नहीं हो रहे। हम लोग शिकायत मिलते ही फाल्ट ठीक करा रहे हैं। जहां फाल्ट ठीक हो रहे हैं, आपूर्ति बहाल कर रहे हैं।