जमीयत से नहीं कानून से चलता है हिंदुस्तान
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि हिंदुस्तान जमीयत से नहीं कानून से चलता है। बिना मान्यता के स्कूल और मदरसों पर कार्रवाई होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कोई भी संस्थान बिना मान्यता के नहीं चलेंगे। गैर मान्यता शिक्षा संस्थानों को नोटिस दिए गए हैं। इसमें किसी भी तरह का पक्षपात नहीं है। संविधान के तहत कार्य किया जा रहा है। अगर अवैध रूप से मदरसे चल रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह था पूरा मामला
पुरकाजी के खंड शिक्षा अधिकारी ज्योति प्रकाश तिवारी ने बताया कि 17 अक्तूबर को 12 मदरसों/विद्यालयों को नोटिस जारी किए थे। जिसमें कहा गया था कि अगर मदरसे/विद्यालय की मान्यता है तो आप अपने विद्यालय/मदरसा की मान्यता संबंधित अभिलेख कार्यालय में तीन दिन के उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में आपके विद्यालय/मदरसों को गैर मान्यता प्राप्त मानते हुए आरटीई एक्ट के प्राविधानों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, अगर आपका विद्यालय खुला पाया जाता है तो शासन से दस हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना वसूल किया जाएगा और आपके विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को सूचना प्रेषित कर दी जाएगी। इस नोटिस के बाद जमीयत उलमा ने 22 अक्तूबर को एक बैठक में इसका विरोध जाहिर करते हुए इसे गलत बताया था। बुधवार को जमीयत उलमा के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी को ज्ञापन देकर नोटिस वापस लिए जाने की मांग की।