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Muzaffarnagar News: थप्पड़ों से ज्यादा मासूम के दिल पर छप रहे सवाल

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- खुब्बापुर में बरपे हंगामे के बाद रातभर सो नहीं पाया
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- परिवार ने रिश्तेदारी में भेजा, वहां से भी गांव लौटा


अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। सात साल के मासूम के गालों पर पड़े थप्पड़ों से एकाएक खुब्बापुर गांव सुर्खियों में आ गया। शिक्षिका की गलती का वीडियो वायरल होेते ही बयान आने लगे। भीड़ बढ़ी तो पूरे गांव की दिनचर्या बदल गई। पीड़ित को सांत्वना मिली, साथ देने का वायदा किया गया। सबने मासूम छात्र को ढूंढा और स्कूल की कहानी जानने की कोशिश की। इसका असर यह हुआ कि शनिवार रात छात्र सो नहीं पाया। परिवार जागता रहा। दिन निकलते ही गुपचुप तरीके से बेटे को रिश्तेदारी में भेज दिया, लेकिन उसका मन नहीं लगा और उसे दोबारा खुब्बापुर लाया गया।
छोटी जोत के किसान इरशाद त्यागी की जिंदगी बृहस्पतिवार से खूब डांवा डोल हो रही है। चार दिन में ही खेत में जाना छूट गया है। घर पर दिनभर लोगों की आवाजाही है। मोबाइल खूब घनघना रहा है। रिश्तेदार पहुंच रहे हैं। सवाल हैं और सिर्फ सवाल। सोशल मीडिया पर बयानों का बवंडर है। शनिवार को दिनभर मासूम से भी सवाल पूछे गए।
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इरशाद बताते हैं कि दिनभर जो हुआ, इसके बाद उनका बेटा रात के समय सो नहीं पाया। वह बेचैन रहा, बहकी सी बातें की। बच्चे को परेशान देखकर पूरा परिवार परेशान हो उठा। किसी तरह दिन निकला। बेटे को भीड़भाड़ से बचाने के लिए गुपचुप तरीके से मेरठ रिश्तेदारी में भेजा गया। मगर, वहां उसका मन नहीं लगा। इसी वजह से उसे वापस बुलाना पड़ा। परिवार बेहद परेशान हैं। सीओ रविशंकर शर्मा का कहना है कि बच्चा पूरे घटनाक्रम से परेशान है। उनकी जानकारी में आया है कि परिजनों ने डाॅक्टर से भी सलाह ली है।

ये था मामला
खुब्बापुर गांव के नेहा पब्लिक स्कूल में शिक्षिका तृप्ति त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के यूकेजी के छात्र की बृहस्पतिवार को सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी भी की गई। प्रकरण के दौरान पीडि़त छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना ली। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगी और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठ रही है।


जिसने साथ देने की बात कही, सबका शुक्रिया
किसान इरशाद बताते हैं कि कुछ लोगों ने बच्चे को पढ़ाने की बात कही, किसी ने हर संभव मदद की। हम सबका शुक्रिया अदा करते है।


खुब्बापुर में पुलिस तैनात
मंसूरपुर। खुब्बापुर गांव में शांति है। सोंहजनी तगान पुलिस चौकी से पुलिसकर्मियों को दोनों घरों पर तैनात किया गया है। दिन में कई बार पुलिस ने गांव में गश्त की।
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रालोद ने मामला बनाया गंभीर : अशोक

मंसूरपुर। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान का कहना है कि राष्ट्रीय लोकदल जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के कारण खुब्बापुर प्रकरण गंभीर बन गया है। आजादी के बाद कांग्रेस पार्टी की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण को समर्पित रही है।
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