मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत मानव श्रृंखला बनाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने विश्व दृष्टि दिवस पर जन जागरूकता के उद्देश्य से स्कूली बच्चों के साथ रैली निकाली। माउंट लिट्रा स्कूल के बच्चों ने रैली में भाग लिया।
सीएमओ डॉ महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि इस वर्ष की थीम ‘लव योर आईज’ है। इसी के साथ ही 10 से 16 अक्तूबर के मध्य मनाये जा रहे मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत लोगों को जागरूकता के उद्देश्य से मानव श्रृंखला बनाई गई। बच्चों ने मानव श्रृंखला बनाकर मानसिक रोगों के प्रति लोगों में यह संदेश दिया कि जिस प्रकार लोग अपने शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं उसी तरह मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। दोनों कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ पीयूष गुप्ता, एसीएमओ डॉ दिव्या वर्मा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ गीतांजलि वर्मा, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ अर्पण जैन, काउंसलर मनोज कुमार, विपिन आत्रे रविंद्र कुमार आदि का सहयोग रहा। विद्यालय निर्देशिका चारु भारद्वाज ने सभी उपस्थित अधिकारीगण और डॉक्टरों का धन्यवाद किया।
आंखों की देखभाल करने के लिए प्रेरित किया
(फोटो समाचार)
जानसठ। विश्व दृष्टि दिवस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आंखों की जांच का कैंप लगाया गया। स्कूली बच्चों के साथ जागरूकता रैली भी कस्बे में निकाली गई। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर अशोक कुमार ने रैली को रवाना किया। उन्होंने सभी लोगों को अपनी आंखों की सुरक्षा के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। नेत्र विशेषज्ञ पूनम माहेश्वरी ने 100 से ज्यादा लोगों की आंखों की जांच की। दवाई का वितरण भी किया। बताया कि मोतियाबिंद के चयनित मरीजों का 27 अक्टूबर को नि:शुल्क ऑपरेशन किया जाएगा।
425 लोगों की नेत्रों की जांच की
पुरकाजी। जगतबंधु सेवा ट्रस्ट निर्मल आई आश्रम ऋषिकेश के सौजन्य से बृहस्पतिवार को आशीर्वाद मेडिकेयर सेंटर सेठपुरा पुरकाजी में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उदघाटन जिला पंचायत सदस्य अमित राठी ने किया। शिविर में 425 लोगों की नेत्रों की जांच की गई। 75 लोगों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया, जिन्हें 25 अक्टूबर को निर्मल आई आश्रम ऋषिकेश ले जाया जाएगा। शिविर आयोजक जगतबंधु सेवा ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह प्रजापति, बृज भूषण त्यागी, जॉनी कुमार त्यागी, धीर सिंह शास्त्री, मुकर्रम, डॉक्टर पिंकल, अलका, प्रेरणा, आफरीन आदि का सहयोग रहा।