बच्चों की फीस जमा करने के लिए बनाया जा रहा दबाव
खतौली। मोहल्ला मिठठूलाल निवासी प्रीति का कहना है कि उनका चार वर्षीय बेटा एक प्ले स्कूल में पढ़ता है। मार्च से ही व्हाट्सएप ग्रुप पर पाठ्य सामग्री भेजी जा रही थी। ग्रुप पर मिले निर्देशों का बखूबी पालन भी किया जाता रहा, लेकिन पिछले माह से बराबर कॉपी-किताब खरीदने व फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा नहीं होने पर ग्रुप से रिमूव करने की चेतावनी दी जा रही है। गांव मोहद्दीपुर निवासी कौशर ने बताया कि उनके दो बच्चे निजी स्कूल में पढ़ते हैं। वह नौकरी करता था, लेकिन लॉकडाउन में रोजगार छिन गया। अब ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षण शुल्क मांगा जा रहा है। फीस अदा करने के लिए समय मांगने पर ऑनलाइन क्लास से वंचित करने की बात कही जा रही है। ऐसे में बच्चों का भविष्य खतरे में है। अभिभावक उच्चाधिकारियों से बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल को दिशा निर्देश दिए जाने की मांग कर रहे हैं।