मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद् के अध्यक्ष रजनीश दूबे ने चकबंदी वाद के आदेश पर ओवरराइटिंग के मामले में पेशकार बलकोर सिंह को निलंबित कर दिया। उन्होंने एसओसी चकबंदी विजय कुमार से स्पष्टीकरण मांगा और जांच मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद को सौंप दी है।
मंगलवार को कलक्ट्रेट का निरीक्षण और राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के बाद राजस्व परिषद् के अध्यक्ष ने पत्रकारों को बताया कि चकबंदी का काम संतोषजनक नहीं है, काफी खामियां मिली हैं। एसओसी कार्यालय में एक वाद के आदेश पर ओवर राइटिंग कर आदेश को बदलने का काम किया गया है।
उन्होंने बताया कि ईआरके सेक्शन में शासनादेशों के रख-रखाव की स्थिति खराब मिली है। रिकॉर्ड रूम में फोटो स्टेट मशीन बढ़वाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग के बड़े बकाएदारों के नाम रजिस्टर से गायब मिले हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए डीएम को निर्देश दिए कि बड़े बकाएदारों के नाम रजिस्टर में अंकित कराएं। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि बैंक, बिजली और अन्य राजस्व के बकाएदारों के खिलाफ सख्ती के साथ कार्रवाई करें।
मालखाने का किया शुभारंभ
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद् के अध्यक्ष ने बताया कि यहां कलक्ट्रेट 150 साल से ज्यादा पुरानी है। अभिलेखागार भी काफी पुराना है। यहां पर एक मॉडर्न रिकॉर्ड रूम की स्थापना करने के लिए नया भवन बनाया जाएगा। इसमें परगनावार गांव और वादों के बस्तों काे रखने के तरीकों को भी बदला जाएगा। नए मालखाने का शुभारंभ किया है। यहां काफी पुराने हथियार मिले हैं। इनका रख-रखाव और बेहतर ढंग से किया जाएगा।
सार्वजनिक शौचालय बनवाया जाएगा
उन्होंने बताया कि कैंटीन के निरीक्षण के दौरान सफाई का अभाव मिला है। शौचालय को हटवाकर वहां नगरपालिका के स्तर से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाएगा। किसान दुर्घटना में 31 मामले ऐसे हैं, जिसमें बजट नहीं मिला है। प्रयास रहेगा कि जल्द ही बजट दिलाया जाएगा।
नौ गांवों में नहीं बनाई घरौनी
उन्होंने बताया कि घरौनियों को बनाने के मामले में जिले के नौ गांव ऐसे पाए गए हैं, जहां पर काम नहीं किया गया है। 15 दिन में शत-प्रतिशत ड्रोन की फ्लाइंग कराकर घरौनी बनाने का काम करने के निर्देश दिए हैं।