- खुब्बापुर प्रकरण : शारदेन स्कूल ने प्रवेश के लिए मांगे जरूरी प्रमाण पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र के प्रवेश की प्रक्रिया में एक कदम और बढ़ाया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर संजय भारती और पीड़ित छात्र शारदेन स्कूल पहुंचे। स्कूल की ओर से वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र, टीसी और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे हैं। यही नहीं छात्र की उम्र को देखते हुए कक्षा दो में भी प्रवेश दिया जा सकता है। अभी तक प्रवेश नहीं हुआ है।
थप्पड़ कांड के पीड़ित छात्र के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। अगले माह 11 दिसंबर को सुनवाई की तिथि तय है। दीपावली से पहले सुनवाई के दौरान छात्र का प्रवेश नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाई थी। काउंसिलिंग के लिए मुंबई की एजेंसी को नियुक्त किया। एबीएसए संजय भारती ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रवेश के लिए शारदेन स्कूल गए थे। छात्र की उम्र को लेकर भी विचार किया गया है। रास्ता निकाला जा रहा है। पुराने स्कूल में छात्र यूकेजी में पढ़ता था, लेकिन उसकी उम्र को देखते हुए अब उसका प्रवेश कक्षा दो में कराया जा सकता है।
छात्र की शिक्षा पर अभी भी संकट
पीड़ित छात्र की शिक्षा पर अभी भी संकट है। स्कूल की फीस को अगर निशुल्क कर दिया जाए तो फिर परिवहन व्यवस्था नई मुसीबत खड़ी करेगी। स्कूल से गांव की दूरी करीब 25 किमी है। यही नहीं सीधी कोई बस या परिवहन सेवा नहीं है। ऐसे में सवाल है कि आखिर बच्चा रोजाना शारदेन स्कूल तक कैसे पहुंचेगा। उसके परिवहन का इंतजाम कौन करेगा और सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र का अभी तक किसी स्कूल में प्रवेश नहीं हो सका है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसका सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।