मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर और शामली जिले में विद्युत आपूर्ति को लेकर विभाग बड़े कदम उठाने जा रहा है। मुजफ्फरनगर में शामली रोड पर शनिधाम के पास एक नया बिजलीघर बनेगा, इससे शहर में लो वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। इसके साथ ही दस बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि होगी।
शहर के शामली रोड, भगत सिंह रोड, कृष्णापुरी, गोशाला रोड आदि क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या काफी समय से बनी हुई है। विद्युत विभाग शामली रोड पर चरथावल तिराहे के पास नया बिजलीघर बनाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। दो गुणा दस एमवीए के 33/11 केवी के इस विद्युत उपकेंद्र पर पांच करोड़ 63 लाख की लागत आएगी। इसके लिए पैसा जारी हो चुका है। इसी के साथ ही विभाग मुजफ्फरनगर जिले के आठ और शामली जिले के दो बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाएगा। इन पर चार करोड़ 70 लाख रुपये खर्च होंगे। गत वर्ष भी चार बिजली घरों की क्षमता बढ़ाई गई थी, जिन पर तीन करोड़ 23 लाख रुपये खर्च हुए थे।
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दस बिजलीघरों की क्षमता में होगी वृद्धि
बिजली घर क्षमता एमवीए खर्च
पुरकाजी: 10+10 55 लाख
कुतुबपुर: 10+8 55 लाख
बरला: 2 गुणा10 55 लाख
किथोडा: 1 गुणा 10 65 लाख
बसेडा: 10+10 45 लाख
सिखेडा: 10+10 45 लाख
रतनपुरी: 5+10 95 लाख
रोहाना: 20 55 लाख
शामली जनपद के बिजली घर
कांधला टाउन: 10+5 80 लाख
जलालाबाद: 10+5 80 लाख
293 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे
विद्युत आपूर्ति को निरंतर बनाए रखने को 293 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में विद्युत ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं और क्षमता वृद्धि नहीं हो सकती, ऐसे स्थानों पर नए ट्रांसफार्मर लगेंगे। इन पर 13 करोड़ 24 लाख 83 हजार रुपये का खर्च आएगा। पिछले वर्ष 421 नए ट्रांसफार्मर लगे थे, जिन पर आठ करोड़ 60 लाख रुपये का खर्च आया था।
674 ट्रांसफार्मर का सुदृढ़ीकरण होगा
ओवरलोड 566 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। इन ट्रांसफार्मर पर 12 करोड़ 82 लाख 40 हजार रुपये खर्च होंगे। 674 ट्रांसफार्मरों का सुदृढ़ीकरण होगा। इस पर 38 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। पिछले वर्ष 971 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि हुई थी, जिन पर 17 करोड़ 54 लाख रुपये का खर्च आया था।
102 करोड़ रुपये खर्च होंगे
मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि विद्युत आपूर्ति के कार्यों पर 102 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें मुजफ्फरनगर और शामली शामिल है। एक नया बिजलीघर शामली रोड पर बनेगा। दस बिजली घरों की क्षमता वृद्धि होगी। नए ट्रांसफार्मर लगाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और सुदृढ़ीकरण के कार्य इसमें शामिल हैं।