मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में सोमवार को 10 करोड़ के निर्माण और विकास कार्यों से संबंधित 100 टेंडर रुकवाने को लेकर गहमागहमी रही। कुछ सभासद और ठेकेदारों का आरोप था कि इनमें पूल कर लिया गया है। जबकि किसी के पास ऐसा कोई साक्ष्य न होने के कारण प्रक्रिया जारी रही। मंगलवार को भी करीब 10 करोड़ के 102 टेंडर डाले जाएंगे।
नगरपालिका निर्माण विभाग की ओर से 55 वार्डों में प्रस्तावित सड़क और नाली निर्माण के टेंडर में पूल कराकर बंदरबांट के आरोप लगाते हुए सभासदों और ठेकेदारों में नाराजगी को लेकर सोमवार को विवाद की स्थिति रही। बताया गया कि एटूजेड काॅलोनी में स्थित एक मकान में एक दिन पहले ही जुलाई माह की बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव वाले टेंडर में पूल कराने को लेकर एक गोपनीय बैठक हुई। बैठक में राज्य वित्त की करोड़ों की धनराशि से होने वाले 202 निर्माण कार्यों के टेंडरों में बंदरबांट का खेल किया गया और टेंडर का समय बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए गए। निर्माण कार्यों में पूल कराने को लेकर बैठक करने के आरोप लगाते हुए कुछ सभासद और ठेकेदारों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद उनमें से कई बैठक छोड़कर चले गए और टेंडर रुकवाने का प्रयास शुरू कर दिया। इन आरोप प्रत्यारोप के बीच ही चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आदेश पर निर्माण विभाग ने निर्धारित समय पर 100 निर्माण कार्यों के लिए मांगे गए टेंडर डलवाने प्रारंभ कर दिए थे। तीन बजे तक ठेकेदारों ने टेंडर डाले। जबकि सोमवार को भी कुछ ठेकेदार और सभासद टेंडर डालने से रोकने के लिए कभी पालिका, कभी चेयरपर्सन आवास और कभी डीएम कार्यालय पर नजर आए।
कुछ सभासदों ने इसमें डीएम से भी शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का कहना है कि शहर के विकास के लिए नियमानुसार कार्य किया जा रहा है। निर्माण कार्यों के टेंडर को लेकर एक भ्रम फैलाया गया है। जबकि अभी टेंडर केवल डाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध टेंडर स्वीकार नहीं किये जाएंगे।