मुजफ्फरनगर। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अजय साहनी ने कांवड़ यात्रा के मार्ग की सभी दुकानदारों के नाम और मोबाइल नंबर लिखने का आदेश दिया है। दुकानदारों ने इसका पालन शुरू कर दिया है। उधर, मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती ने आदेश को भाईचारे का माहौल बिगाड़ने वाला बताया।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे की याद दिलाई है। कहा, हिंदू और मुस्लिम मिलकर कांवड़ यात्रा निकलवाते हैं। नई शुरूआत नहीं होने देंगे। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने नई व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। दूसरी ओर पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने आदेश को पूर्व प्रचलित व्यवस्था बताया है।
डीआईजी ने बृहस्पतिवार को मंडल के जिलों सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर में कांवड मार्गों की सभी दुकानों पर दुकानदारों के नाम लिखने का आदेश दिया था। मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक सिंह ने यात्रा शुरू होने से पहले खाद्य सामग्री की दुकानों और फलों की ठेलियों पर दुकानदारों को अपने नाम प्रदर्शित करने के निर्देश दिए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद बृहस्पतिवार को एसएसपी ने कहा कि पूर्व में कई बार ऐसे हालत सामने आए हैं, जब कांवड़ मार्ग की दुकानों के नाम को लेकर कांवड़ियों में भ्रम व कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई। इसे रोकने के लिए दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि वह स्वेच्छा से अपने मालिक और काम करने वालों का नाम प्रदर्शित करें। दूसरी ओर सहारनपुर के एसपी कांवड़ मार्गों के होटल व ढाबों पर रेट लिस्ट व नाम को लेकर आदेश जारी नहीं किया गया है। हमारे क्षेत्र में ऐसे होटल व ढाबे भी नहीं हैं।
आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि जिसका नाम गुड्ड, मुन्ना, छोटू या फत्ते है, उसके नाम से क्या पता चलेगा। पूर्व सीएम मायावती ने भी कहा कि नया सरकारी आदेश गलत परंपरा है, इसे वापस लिया जाए। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान अछूत बना दिए गए हैं। पूर्व सांसद और प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर और तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
बघरा आश्रम के संचालक ने उठाया था मुद्दा
जिले में स्थित बघरा आश्रम के संचालक यशवीर महाराज ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि कांवड़ मार्ग पर मुस्लिम समाज के दुकानदार हिंदू देवी-देवताओं के फोटा या नाम का प्रयोग कर दुकान चलाते हैं।
दुकान मालिक की स्पष्ट पहचान होनी चाहिए
कांवड़ मार्गों के होटल व ढाबों आदि पर रेट लिस्ट के साथ मालिक का नाम लिखा होना चाहिए, जिससे मालिक की स्पष्ट पहचान हो और विवाद की स्थिति न बने। तीनों जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। - अजय साहनी, डीआईजी