- महाराणा प्रताप का फोटो लगा बोर्ड लगाने को लेकर हुआ था विवाद
- हंगामा कर रहे युवकों को दौड़ाया, पांच हिरासत में भी लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
रतनपुरी (मुजफ्फरनगर)। गांव भूपखेड़ी में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का चित्र लगा बोर्ड लगाने को लेकर होने वाली पंचायत पुलिस ने नहीं होने दी। करणी सेना की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर चौहान को पुलिस ने नजरबंद कर लिया। बोर्ड लगाने पहुंचे युवकों को पुलिस ने लाठी फटकार कर दौड़ा लिया। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित छह आरोपियों का शांतिभंग में चालान किया गया है।
गांव भूपखेड़ी में मंगलवार को करणी सेना की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर शेखर चौहान ने पंचायत करने का एलान किया था। पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया और गांव के रास्तों की नाकाबंदी कर दी। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में नहीं घुसने दिया गया। इसी बीच गांव और आसपास के क्षेत्र के कुछ युवक एकत्र होकर भूपखेड़ी रजबहे की पटरी पर पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से बातचीत की। उनका कहना था कि वे बोर्ड को उठाकर लाना चाहते हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बिना अनुमति के बोर्ड नहीं लगने देने की बात दोहराई। कुछ युवकों ने शोर-शराबा करने का प्रयास किया। पुलिस ने युवकों को दौड़ा लिया। पांच युवक हिरासत में ले लिए गए। एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे ओर ग्रामीणों से वार्ता कर किसी तरह मामले को शांत कराया।
एसपी देहात ने बताया कि इस मामले में करणी सेना की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित छह आरोपियों का शांतिभंग में चालान किया गया है। गांव में पुलिस बल तैनात है।
पुलिस ने इनका किया चालान
सीओ विनय कुमार गौतम ने बताया कि रतनपुरी पुलिस ने भूपखेड़ी प्रकरण में करणी सेना की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर चौहान, भूपखेड़ी निवासी अमित पुत्र गिरिराज सिंह, अजय पुत्र नरेंद्र, मुजाहिदपुर निवासी शक्ति पुत्र मुकेश, सरधना के रार्धना निवासी कुणाल पुत्र कुंवरपाल, खतौली की जगत कॉलोनी निवासी शांतनु पुत्र शशि का शांति भंग में चालान किया गया है।
पुलिस और पीएसी का रहा कड़ा पहरा
भूपखेड़ी गांव में एसडीएम खतौली सुबोध कुमार, सीओ बुढ़ाना विनय कुमार गौतम और सीओ फुगाना देवव्रत वाजपेई के साथ रतनपुरी, बुढ़ाना, शाहपुर, तितावी, मीरापुर एवं रामराज थाने की पुलिस और एक कंपनी पीएसी बल तैनात रहा।
ये है मामला
13 जून को भूपखेड़ी के कुछ युवाओं ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का चित्र लगे बोर्ड को गांव के प्रवेश मार्ग पर लगा दिया था। पुलिस प्रशासन ने बोर्ड को हटवा दिया था। अगले दिन फिर से युवाओं ने बोर्ड को वहीं पर लगा दिया था। पुलिस ने प्रशासन से अनुमति के पश्चात ही बोर्ड लगाने की बात कही थी। 15 जून को सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम ने गांव पहुंचकर युवाओं को समझाया था। उन्होंने ग्रामीणों को प्रशासन से अनुमति के बाद ही बोर्ड लगाने की बात कही थी।