संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे बच्चों और बड़ों में निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों में नजला, खांसी-जुकाम सहित निमोनिया की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने एहतियात बरतने और सर्दी से बचने की सलाह दी है।
सर्दी बढ़ने के साथ ही वायरल बीमारियां आम हो गई है। निमोनिया और अस्थमा के मरीजों की संख्या इसमें ज्यादा है। इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, सांस की परेशानी आदि बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वामी कल्याणदेव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि इस मौसम में सर्दी जुकाम, बुखार, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, अस्थमा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर सहित त्वचा की बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है। सबसे ज्यादा निमोनिया और अस्थमा के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। यह बीमारियां तापमान में परिवर्तन के कारण होती हैं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती हैं, उन्हें यह जल्दी अपने चपेट में ले लेती हैं। यह पांच से सात दिनों में खुद ठीक भी हो जाता हैं।
निमोनिया के लक्षण
- सांस लेते समय या खांसते समय सीने में दर्द
- बलगम के साथ खांसी
- बुखार, पसीना और कंपकंपी वाली ठंड
- उल्टी या दस्त
इन बातों का रखें ध्यान
- गर्म कपड़े पहनकर रहें
- धूप निकले पर ही घर से बाहर निकलें
- तुरंत ठंडा से गर्म और गर्म से ठंडा में न जाएं
- ठंडे पानी व भोजन से परहेज करें
- गर्म पानी में नमक डालकर गलाला करना चाहिए