उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल के गांव खेतू पजोरी के रहने वाले थे फार्मासिस्ट
परिजनों ने तनाव में ऐसा कदम उठाने की आशंका जताई, पुलिस ने शुरू की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। स्थानीय पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट कैलाश रावत (50) ने बृहस्पतिवार की रात अपने सरकारी आवास में आत्महत्या कर ली। उनका शव रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। सीएमओ ने भी पीएचसी प्रभारी से घटना की जानकारी की। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने तनाव में ऐसा कदम उठाने की आशंका जताई हैं।
उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल के गांव खेतू पजोरी निवासी फार्मासिस्ट कैलाश रावत (50) चरथावल क्षेत्र के गांव दूधली की पीएचसी से ट्रांसफर होकर 21 अगस्त को ही पुरकाजी पीएचसी पर आए थे। यहां उन्हें सरकारी आवास अलॉट हो गया था। मगर, पत्नी स्वेता और बेटा कार्तिक अभी भी गांव फलौदा सीएचसी के सरकारी आवास में रह रहे थे।
बृहस्पतिवार रात उनकी ड्यूटी थी। रात में कोई एमरजेंसी नहीं आई। इस कारण वे वे करीब साढ़े नौ बजे पुरकाजी पीएचसी के अपने सरकारी आवास पर आराम करने चले गए थे। शुक्रवार सवेरे करीब नौ बजे स्वास्थ्य कर्मी आबिद दो बार उन्हें बुलाने गया और आवाज लगाकर वापस चला आया। तीसरी बार जब वह बुलाने गया तब भी कैलाश रावत नहीं उठे।
आबिद ने दरवाजा खोला तो कैलाश रावत का शव रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। इसकी जानकारी देने पर पीएचसी प्रभारी डाॅ. अरुण कुमार और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुरकाजी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटना स्थल की जांच कराई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीएमओ महावीर सिंंह फौजदार ने भी पहुंच कर मामले की जानकारी ली।
आत्यहत्या क्यों की? पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि कैलाश रावत के परिजनों से बातचीत की गई है। उन्होंने कैलाश रावत के तनाव में होने की तरफ इशारा करते हुए ऐसा कदम उठाने की आशंका जताई हैं। मगर, कारण नहीं बताया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।