देवबंद(सहारनपुर)। जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज के भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने तथा मुस्लिम और ईसाइयों की राष्ट्रीयता समाप्त करने वाले बयान की उलमा ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह भाषा एक संत की नहीं हो सकती। सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। इत्तेहाद उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुस्तफा ने जगद्गुरु के बयान पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा की यह भाषा एक महाराज की भाषा नहीं सकती है। ऐसे लोग महाराज नहीं बल्कि इस देश और हिंदू धर्म के नाम पर कलंक हैं। इस तरह के लोग जो नफरत भरी भाषा का इस्तेमाल करते हैं वह देश में आग लगाकर आपसी भाईचारा खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से जगद्गुरु के बयान का संज्ञान लेकर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। ताकि मुल्क में अमनो अमान कायम रह सके। बता दें कि जगद्गुरु परमहंस महाराज ने बयान दिया है कि दो अक्तूबर तक भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कर दिया जाए नहीं तो मैं सरयू नदी में जल समाधि ले लूंगा। साथ ही उन्होंने विवादित बोल बोलते हुए यह भी कहा कि केंद्र सरकार को मुसलमानों और ईसाइयों की राष्ट्रीयता समाप्त कर देनी चाहिए।